मामले में नया मोड़ 19 जनवरी 2000 को आया। सालिम अपने परिवार के इलियास के साथ बदमाशों से मिलने लक्सर के पास जंगल में पहुंचे। बदमाशों ने उनकी मुलाकात हारुण से कराई। रुपयों का इंतजाम करने के लिए बदमाशों ने हारुण को छोड़ दिया और सालिम एवं इलियास को अपहरण कर बैठा लिया। फिरौती की रकम का इंतजार करने के बाद बदमाशों ने 25 जनवरी 2000 को सालिम की छुरी से गर्दन काटकर हत्या कर दी और शव को लक्सर के जंगल में फेंक दिया था।
करीब 25 दिन बाद 50 हजार रुपये की फिरौती वसूलकर इलियास को छोड़ा गया था। पुलिस जांच में बरला के सगे भाई शाहनवाज व शौकीन के अलावा भोकरहेड़ी के अहसान का नाम प्रकाश में आया। शौकीन और अहसान पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। शाहनवाज के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।