प्रशासन ने जांच के लिए तोप को आगरा भेजा
पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। जिला प्रशासन ने बुधवार रात दो बजे भारी फोर्स की मौजूदगी में सूलीवाला बाग से क्रेन से तोप को उठवा कर पुरातत्व विभाग की टीम के साथ आगरा भेजवा दिया। प्रशासन की सख्ती के कारण भाकियू कार्यकर्ता विरोध नहीं कर सके। आगरा में पुरातत्व विभाग की लैब में 18 वीं शताब्दी के आसपास की बताई जा रही तोप की मिट्टी और लोहे की जांच कर इसके कालखंड के बारे में सही जानकारी हासिल होगी।
पुरकाजी के गांव हरिनगर निवासी किसान विनोद कश्यप के खेत में सोमवार को यह तोप मिली थी। करीब साढ़े नौ फुट लंबी और 50 क्विंटल से अधिक वजन की यह तोप एतिहासिक है। पुरकाजी नगर पंचायत के चेयरमैन जहीर फारूकी ने तोप को उठवा कर सूलीवाला बाग में रखवा दी थी। भाकियू ने तोप को प्रशासन के हवाले करने से इंकार कर दिया था, जिससे भाकियू और प्रशासन आमने सामने आ गए थे। सोमवार से ही सूलीवाला बाग में पुलिस और भाकियू कार्यकर्ता तोप की निगरानी में लगे थे। प्रशासन की सूचना पर बुधवार को आगरा से पुरातत्व विभाग की दो सदस्यीय टीम डा विजय गुप्ता और आदित्य भूषण पुरकाजी में तोप देखने आई। उन्होंने तोप देख कर उसे 18 वीं शताब्दी के आसपास की बताया। साथ ही कहा कि आगरा लैब में ही इसकी जांच होगी, इस कारण तोप को आगरा ले जाना पड़ेगा, मगर भाकियू नेताओं ने तोप देने से इंकार कर दिया था। बाद में प्रशासन की राकेश टिकैत से भी वार्ता हुई थी। बुधवार रात करीब दो बजे प्रशासन ने इस को तोप को उठवा कर आगरा भिजवा दिया। रात में एडीएम प्रशासन अमित सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, एसडीएम कुमार भूपेंद्र, तहसीलदार पुष्कर चौधरी पुलिस फोर्स के साथ सूलीवाला बाग में पहुंचे। वहां मौजूद भाकियू कार्यकर्ताओं का टेंट उखाड़ दिया। भारी फोर्स की मौजूदगी के कारण कार्यकर्ता कोई विरोध नहीं कर सके। इसके बाद क्रेन से तोप को एक ट्रक में रखवा कर उसे पुरातत्व विभाग की टीम को सौंपते हुए आगरा भेज दिया।
तोप सरकारी संपत्ति है, जिसे जांच के लिए पुरातत्व विभाग को सौंपा गया है। रात में तोप को आगरा भेजवा दिया गया है। वहां जांच के उपरांत पता चलेगा कि तोप किस कालखंड की है -अमित सिंह, एडीएम प्रशासन
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प्रशासन से बृहस्पतिवार को तोप देने के लिए सहमति हो गई थी। इसके बावजूद बुधवार रात्रि में तोप को उठवा कर प्रशासन ने विश्वासघात किया है - राजू अहलावत, भाकियू मंडल महासचिव।