साइबर ठगी को लेकर 46 शिकायतें आईं, जिनमें 14 करोड़ से ज्यादा की ठगी की गई। इन दोनों छात्रों के खाते में महज सात दिन में ही डेढ़ करोड़ की ठगी की रकम आ गई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। इनको कमीशन के रूप में एक परसेंट मिलता था।
साइबर थाना पुलिस से सीए व बी फार्मा के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। दोनों ने फर्जी फर्म बनाकर साइबर ठगों को फर्म का खाता दिया। खाते में सात दिनों में डेढ़ करोड़ का लेनदेन हुआ। विभिन्न प्रांतों में ठगी की 46 शिकायतें मिलीं, जिनमें 14 करोड़ 8 लाख 74 हजार 944 रुपये की ठगी सामने आई। इस ठगी का पैसा दोनों आरोपियों के खाते में भी आया था।
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एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में जानकारी दी कि साइबर अपराध की शिकायत के लिए बनाए “प्रतिबिम्ब पोर्टल ” पर जनपद मुजफ्फरनगर के एक बैंक खाता की शिकायत दर्ज हुई थी। जांच में पाया कि इस खाते में लोगों से निवेश, ट्रेडिंग व क्रिप्टो करेंसी के कारोबार के नाम पर ठगी कर धनराशि ली जा रही है।
यह खाता एस ए स्मार्ट ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम था। यह फर्म थाना नई मंडी के सुभाषनगर निवासी अभिनव चौहान व द्वारिकापुरी निवासी सक्षम गुप्ता ने बनाई थी। दोनों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभिनव बी फार्मा व सक्षम सीए प्रथम वर्ष का छात्र है। अभिनव पहले सर्जिकल उपकरण बेचने का काम करता था। दोनों का चालान कर दिया गया।
एक प्रतिशत के लालच में फंसे
एसपी क्राइम ने बताया कि दोनों जल्द धनपति बनना चाहते थे। उन्होंने टेलीग्राम व सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर जल्द धन कमाने के बारे में साइबर अपराधियों से संपर्क किया। उन्होंने टेलीग्राम ग्रुप से उन्हें जोड़ा। साइबर अपराधियों के कहने पर एसए स्मार्ट ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक फर्म सीए से बनवाई।
इसी फर्म के नाम से एक्सिस बैंक में दिसम्बर 2025 में खाता खुलवाया। कई प्रातों के लोगों से साइबर ठगी का पैसा उनकी फर्म के बैंक खाते में आया। मात्र 7 दिन में डेढ़ करोड़ की ठगी की गई। साइबर अपराधियों से उन्हें कमीशन के नाम पर उनके खाते में आने वाले रुपये का एक प्रतिशत पैसा मिलता था। जो 46 शिकायत पोर्टल पर हुई हैं उनमें अलग-अलग खातों का इस्तेमाल हुआ है। उन खातों से दोनों आरोपियों के खातों में पैसा भेजा गया था। इसकी जांच चल रही है।
इजी मनी के झांसे में फंस रहे युवा
एसपी क्राइम ने कहा कि कुछ करना न पड़े और मोटी कमाई हो जाए। इस इजी मनी के झांसे में आकर युवा अपने खाते साइबर अपराधियों को दे रहे हैं। इससे उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। अभिभावकों को इस पर ध्यान देना होगा।