मेरठ सहित अन्य जिलों के लोगों से खाते खरीदकर साइबर ठगों को बेचने वाले अंकित तोमर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उससे 32 एटीएम, 26 सिम, पांच फोन आदि बरामद हुए है। फोन पर लिंक भेजकर ठगी का काम किया जा रहा था।
गरीब लोगों से उनके बैंक खाते खरीदकर विदेश में बैठे साइबर ठगों को बेचने वाले मास्टरमाइंड बागपत के बामनौली निवासी अंकित तोमर को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी 200 से ज्यादा खाते खरीदकर साइबर ठगों को भेज चुका है। उसकी डायरी से पांच करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का हिसाब किताब मिला है। वह विदेश में बैठे केलविन नाम के साइबर ठग के संपर्क में था।
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एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने पुलिस लाइन सभागार में बताया कि साइबर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बागपत जिले के बामनौली निवासी अंकित तोमर को शामली बाईपास के पास शाहपुर कट से गिरफ्तार किया। उससे 32 बैंक खातों के एटीएम, 26 सिम, पांच फोन, एक पासबुक, दो चेक बुक, एक डायरी, एक बिल बुक, एक स्टांप, उसके दो फर्जी आधार कार्ड, एक वाइफाई, आई-10 कार और 2540 रुपये बरामद हुए हैं।
आरोपी ने मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर के लोगों से लगभग 150 खाते खरीदे थे। पुलिस को आरोपी की एक पर्सनल डायरी भी मिली है, जिसमें पांच करोड़ 38 लाख से अधिक की ठगी का हिसाब लिखा है।
आरोपी गरीब लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके बैंक खातों को दस हजार रुपये तक में खरीदता था। वह बताता था कि खातों में आनलाइन गेम से जीते हुए रुपये आएंगे। यदि कोई परेशानी आएगी तो वह जिम्मेदार होगा। वह अपने पास फर्जी बिल बुक भी रखता था। बैंकों के संपर्क में रहता था। वह परिचित लोगों के खाते बैंक में खुलवाता भी था। बचत और चालू खाते को 15 से 30 हजार रुपये, जीएसटी वाले खाते को दस प्रतिशत के हिसाब से बेचता था।
इन खातों को वह साइबर ठगों को उपलब्ध कराता था। उसने खरीदे गए खातों को तमिलनाडु, बंगलूरू, चेन्नई, और गुजरात में बैठे साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। खातों की पूरी जानकारी वाली किट कोरियर से भेजी जाती थी।
एटीएम अपने पास रखने पर फंसा आरोपी
पुलिस ने बताया कि आरोपी खरीदे गए सभी खातों के एटीएम साइबर ठग को भेज देता था लेकिन कुछ दिनों से कुछ खातों के एटीएम अपने पास रख लिए थे और इन खातों में आए रुपये निकाल लिए। कुछ रुपये उसने अपने खाते में भी जमा कराए थे। इन खातों के रुपये के फेर में ही आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी इन खातों से निकाले रुपये में से अपना हिस्सा रखकर ठगों के खातों में भी जमा करता था।
सेना में जाने की भी तैयारी की थी
26 वर्षीय अंकित तोमर 12वीं पास है। उसने सेना में जाने की भी तैयारी की थी। कोरोना के समय में उसकी आयु अधिक हो गई, जिस कारण वह सेना में नहीं जा सका। एक दिन इंस्टाग्राम पर उसे घर बैठे कमाई करने वाला लिंक मिला, जिसे खोलने पर केलविन से संपर्क हुआ और वह उसे टेलीग्राम एप पर ले गया। वहां से उसे इस धंधे की जानकारी दी। बताया कि वह उनके लिए लोगों से बैंक के खाते खरीदे, इसके बदले में उसे मोटी कमाई होगी। इसके बाद युवक ने यह धंधा शुरू कर दिया। केलविन से मिले रुपये में से आधे रुपये वह खातों के मालिकों को देता था। कमाए हुए रुपये से उसने कार भी खरीदी।