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Muzaffarnagar: नमाज पढ़कर लौटते युवक की गोली मारकर हत्या, कोर्ट ने चार सगे भाइयों को दी ये सजा

Tue, 19 Aug 2025 07:20 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

शामली के बलवा गांव में 11 साल पहले हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। पांच आरोपियों ने इकराम की हत्या की थी। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी। अब चार भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। 
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उम्रकैद की सजा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शामली के बलवा गांव में 11 साल पहले इकराम (34) की हत्या के मामले में दोषी चार सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-7 के पीठासीन अधिकारी रितिश सचदेवा ने फैसला सुनाया।
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बलवा गांव निवासी इकराम  14 जुलाई 2014 को शाम छह बजकर 20 मिनट पर मस्जिद से नमाज पढ़कर वापस घर लौट रहा था। रंजिश के चलते हमलावरों ने रास्ते में उसे घेर लिया और तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी थी।
 

मृतक के भाई वादी नफीस अहमद ने अफसरून, नवाब, इंसार, कादिर, इस्लाम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल के दौरान अफसरून की मौत हो गई थी, जिसके चलते 19 अक्तूबर 2021 को उसकी फाइल उपशमित कर दी गई थी।
 

मंगलवार को अदालत ने अन्य चार सगे भाइयों पर दोष सिद्ध किया। हत्या में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। धारा 307 में 10 वर्ष कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
 
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हत्या से पहले इस तरह हुआ हमला
बलवा गांव निवासी इकराम अपने भतीजे साबिर के साथ खेत में चारा लेने के लिए गया था। आरोप लगाया कि अफसरून तमंचा लेकर खेत में पहुंचा और साबिर की तरफ फायर किया। वह किसी तरह बच गया। इस दौरान इकराम ने तमंचा छीन लिया। कुछ देर बाद चाचा-भतीजा घर वापस लौट गए। इकराम नमाज पढ़ने चला गया। घर लौटते समय दूसरे पक्ष ने घेरकर हमला कर दिया।

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