एसडीएम परमानंद झा ने बताया की उन्हें इस मामले में शिकायत मिली थी, जिसके बाद उन्होंने इलाके के चौकी इंचार्ज से पड़ताल कराई, जिसके बाद छापेमारी की गई। घी के नमूने खादय सुरक्षा अधिकारी अशोक कुमार और अनिल कुमार के नेतृत्व में जांच के लिए भेजे गए है। जिनकी रिपोर्ट के आधार पर रियाज अलीी पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
पशुओं की चर्बी की मिलावट की आशंका
एसडीएम परमानंद झा ने बताया कि शिकायत के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि यह घी में पशुओं की चर्बी की मिलावट है। यहां पर अलग-अलग कमरों में ड्रम के अंदर घी रखा मिला है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कुछ कहा जा सकेगा। चर्बी की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
मलाई से घी बनाने का किया दावा
आरोपी रियाज हसन ने पुलिस-प्रशासन के सामने तर्क दिया है कि वह गांव से मलाई को इकट्ठा कर उससे घी तैयार करता है। वह लगातार घी इकट्ठा करता रहा है, इसके बाद पूरे जिले में अलग-अलग जगहों पर सप्लाई करता है। उसने किसी तरह की मिलावट नहीं की है।
बेचने का लाइसेंस, बनाने का नहीं
खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त डॉ चमन लाल ने बताया कि घी की फुटकर बिक्री का लाइसेंस लिया गया था। घी बनाने का कोई लाइसेंस विभाग से नहीं लिया गया था। नमूने की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी।
20 साल से बिक रहा घी, अब जागा प्रशासन
बहेड़ी गांव में करीब 20 साल से घी बनाने और बेचने का काम हो रहा है। लेकिन पुलिस-प्रशासन नहीं जागा। आरोपी के पास सिर्फ फुटकर में घी बेचने का लाइसेंस है।