यह दी जानकारी
मेरठ निवासी मनोज ने बताया कि वह सभी दोस्त हैं, उसके लिए ललित व मनोज गांजा बेचने का काम करते हैं। वह गांजा बेचने के लिए अपने दोस्त की कार मांग कर लाया था। कुछ गांजा ललित व मनोज को देना था। सभी स्थानों पर उनके ग्राहक हैं। बरामद गांजा वह अपने दोनों गिरफ्तार साथियों को देने आया था। गांजा बेचकर पैसा तीनों बांट लेते हैं।
बदलते थे नंबर प्लेट
एसएसपी ने बताया कि यह शातिर गिरोह है। जिस शहर में भी गांजा बेचने जाते हैं, उसी शहर की नंबर प्लेट अपनी गाड़ी पर लगा लेते हैं।