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लापता की मिली लाश

Wed, 02 Mar 2016 11:46 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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खतौली। 10 दिन से लापता महिला की सड़ी गली अर्द्धनग्न लाश बुधवार को ईख के खेत में पड़ी मिली। उसके गले में रस्सी का फंदा लगा हुआ था। जिससे पुलिस आशंका जता रही है कि महिला की दुष्कर्म के बाद फांसी लगाकर हत्या की गई है। मामले की जानकारी मिलते ही सीओ जोगेंद्र लाल भी मौके पर पहुंच गए। डॉग स्क्वायड ने भी मामले की जांच पड़ताल की।
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गांव शाहपुर निवासी धर्मसिंह की पत्नी किरणवती (45) 22 फरवरी को सुबह 9 बजे के करीब गन्ना छीलने के लिए घर से निकली थी। देर शाम तक वह घर नहीं पहुंची, तो परिजनों ने उसको जंगल में तलाश किया, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। धर्मसिंह ने थाने में गुमशुदगी की तहरीर भी पुलिस को दी थी। उस समय परिजनों ने पुलिस से महिला के अपहरण की आशंका जताई थी।

बुधवार की सुबह गांव पिपलहेड़ा निवासी किसान श्याम सिंह अपने ईख के खेतों पर गया था। वहां एक खेत से काफी बदबू आ रही थी। उसने खेत के अंदर जाकर देखा तो एक महिला का अर्द्धनग्न शव पड़ा था। उसने ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। इस बीच धर्मसिंह के परिवार के लोग भी खेत पर पहुंचे। उन्होंने शव की शिनाख्त किरणवती के रूप में की।
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महिला के गले में रस्सी का फंदा लगा था। जिससे पुलिस ने आशंका जताई कि उसकी दुष्कर्म के बाद फांसी लगाकर हत्या की गई है। डॉग स्क्वायड ने भी मामले की जांच पड़ताल की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ जोगेंद्र लाल का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगा कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है या नहीं और उसकी हत्या कैसे की गई है।

कमरे के अंदर से चाट के खाली पत्ते मिले
किरणवती का शव जिस ईख के खेत में पड़ा मिला। उससे करीब 50 मीटर की दूरी पर गांव पिपलहेड़ा निवासी किसान रणवीर ने काफी दिन पूर्व पेट्रोल पंप बनाने के लिए एक कमरा बनाया था। डॉग स्क्वायड सूंघते-सूंघते उस कमरे में घुसा। उस कमरे से पुलिस ने चाट के खाली पत्ते बरामद किए हैं। पुलिस को शक है कि हत्यारों ने इस कमरे में बैठकर चाट खाई। इस कमरे से कुछ कदम की दूरी पर एक ठेका भी है।

सीओ जोगेंद्र लाल को शक है कि महिला की हत्या इस कमरे में की गई है, इसके बाद शव को ईख के खेत में डाल कर फरार हो गए। ठेके के सेल्समैन ने पुलिस को बताया कि महिला अक्सर ठेके के सामने रास्ते से ही निकलकर जंगल में जाती थी, 22 फरवरी के दिन उसने महिला को ठेके के आगे से जाते हुए नहीं देखा। वह ठेके से पहले की गायब हो गई।

पुलिस की रही लापरवाही
पुलिस की लापरवाही ही महिला किरणवती की हत्या का कारण बनी। परिजनों ने थाने पहुंचकर पुलिस को बताया था कि उनको आशंका है कि किरणवती का अपहरण किया गया है। इसके बावजूद पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस अगर इस मामले को गंभीरता से लेती तो महिला सकुशल बरामद हो सकती थी। पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर दलित समाज के लोगों में रोष व्याप्त है।
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