तहसील जानसठ में अब बनेगी मुंसिफ कोर्ट
जानसठ। तहसील जानसठ मुख्यालय को सिविल जज जूनियर डिविजन बेंच (मुंसिफ कोर्ट) बनाने की सौगात मिल गई। बार संघ की यह मांग पिछले कई सालों से चल रही थी। अधिवक्ताओं के काफी अथक प्रयासों से तहसील में मुंसिफ कोर्ट बनाने की मांग पूरी हो चुकी है। अधिवक्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी जताई है।
बार संघ अध्यक्ष प्रदीप गर्ग व सचिव ज्ञानचंद सैनी ने बताया कि पिछले दस वर्षों से अधिवक्ता सिविल जज जूनियर डिविजन बेंच की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन व संघर्ष करते चले आ रहे थे। उच्च न्यायालय के अनुमति देने के बाद भी मामला शासन में लंबित पड़ा हुआ था। जानसठ बार संघ के शासकीय अधिवक्ता सोनी गुर्जर ने बताया कि 20 फरवरी को प्रमुख सचिव जेपी सिंह द्वितीय ने अधिसूचना जारी करते हुए मुंसिफ कोर्ट की मंजूरी दे दी है। बार संघ अध्यक्ष प्रदीप गर्ग व सचिव ज्ञानचंद सैनी ने बताया कि मुंसिफ कोर्ट के लिए मिले पत्र को उच्च न्यायालय को भेजा गया है, ताकि तहसील में बने मुंसिफ कोर्ट के भवन में जज तथा स्टाफ की तैनाती शीघ्र की जा सके। उन्होंने कहा कि वादकारियों को अब जिले के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, उन्हें तुरंत न्याय मिलेगा। मुंसिफ कोर्ट बनने की जानकारी मिलते ही बार संघ अधिवक्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। अधिवक्ताओं व क्षेत्र के लोगों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई। इस दौरान दीपेश गुप्ता, यशवंत सिंह कांबोज, अजादार हुसैन जैदी, जावेद हुमायूं, पोदी सिंह कश्यप, अरुण गर्ग, सोहित कांबोज, विकास गुप्ता, वेद प्रकाश सैनी, अजय कुमार पंत आदि मौजूद रहे।