मुजफ्फरनगर। शहर के सीमा विस्तार में शामिल बीबीपुर क्षेत्र के जमीन पर पालिका और अग्निशमन विभाग आमने सामने आ गए हैं। जमीन पर पालिका ने एमआरएफ सेंटर बनाना शुरु किया, लेकिन अग्निशमन विभाग ने काम रुकवा दिया। अग्निशमन विभाग का कहना है कि यह जमीन उन्हें आवंटित है। पालिका का कहना है कि एनओसी और बोर्ड की अनुमति के बिना ही अग्निशमन केंद्र के लिए भूमि प्रशासन ने आवंटित कर दी। विस्तार की प्रक्रिया के बाद यह आवंटन नियम विरुद्ध है।
शासन ने नगरपालिका क्षेत्र का सीमा विस्तार करते हुए कूकड़ा, सूजडू, वहलना, खांजापुर, अलमासपुर, मंधेडा, शहाबुदीनपुर, सरवट सहित 11 गांव को पालिका क्षेत्र में शामिल किया था। इसके लिए नगर विकास विभाग ने 29 सितंबर 2022 को अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके बाद इन क्षेत्रों का समावेश करते हुए पालिका विकास कार्य करा रही है। इन गांवों की सरकारी भूमि को पालिका अपने अधिकार क्षेत्र में लेने के लिए एसडीएम सदर को पत्राचार करती रही है। अब नया मामला सामने आया। पालिका की अनुमति और एनओसी लिए बिना ही शहरी क्षेत्र में शामिल हुए बीबीपुर में सार्वजनिक भूमि तहसील प्रशासन ने अग्निशमन केंद्र को आवंटित कर दी। बाकायदा अग्निशमन विभाग का नाम भी खतौनी में दर्ज कर दिया।
जबकि इस भूमि पर पालिका प्रशासन एमआरएफ सेंटर का निर्माण करा रहा है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने एसडीएम सदर को लिखे पत्र में कहा कि बीबीपुर की भूमि पर भू-राजस्व अभिलेख खतौनी में अग्निशमन केंद्र का नाम दर्ज करा दिया गया है।
यह गांव और भूमि नगर विकास विभाग की ओर से सीमा विस्तार के लिए 29 सितंबर 2022 को जारी अधिसूचना के तहत पालिका की सीमा में सम्मिलित हो चुका है। पालिका प्रशासन की ओर से एमआरएफ सेंटर का निर्माण प्रारंभ किया गया था। कार्य स्थल पर अग्निशमन अधिकारी की ओर से जमीन की खतौनी को प्रस्तुत कर पालिका की ओर से कराए जा रहे निर्माण को रुकवाया गया। ईओ ने कहा कि यह ग्राम बीबीपुर सीमा विस्तार की अधिसूचना के अनुसार 29 सितंबर 2022 को नगर पालिका सीमा में सम्मिलित हो चुका है। जबकि अग्निशमन विभाग का नाम राजस्व अभिलेख खतौनी में 28 अगस्त 2024 में दर्ज हुआ है।
पालिका से इस संबंध में कोई लिखित सहमति या बोर्ड प्रस्ताव भी तहसील सदर की ओर से प्रस्तुत नहीं किया गया। जबकि नगर पालिका परिषद की सीमा में सम्मिलित किसी भी सार्वजनिक भूमि को पालिका की एनओसी और बोर्ड स्वीकृति के बिना किसी को नहीं दिया जा सकता है। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि एसडीएम सदर से उक्त भूमि के राजस्व अभिलेख खतौनी में दर्ज अग्निशमन विभाग का नाम निरस्त करने का अनुरोध किया गया है।