मुजफ्फरनगर। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पास किसी भी तरह की फाईल भेजने पर पाबंदी लगा दी है। आदेश जारी किया गया है कि यदि कोई अधिकारी या पटल सहायक उनके पास फाईल भेजता है तो उस पर अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी।
चेयरपर्सन ने अपने आदेश में लिखा है कि डॉ अतुल कुमार की तैनाती बोर्ड की भावनाओं, मर्यादाओं एवं गरिमा के विपरीत है। सीएमओ पालिका की सफाई व्यवस्था को बाधित करते के साथ नगर पालिका एक्ट के प्राविधानों का उल्लंघन कर रहे हैं। मौखिक और लिखित अनुरोध को सीएमओ ने नहीं माना है। डॉ अतुल कुमार के विरुद्ध 40 सभासद प्रस्ताव पास कर चुके हैं, जिसके आधार पर उन्हें पालिका से कार्यमुक्त किया गया। शहर में सफाई व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण नहीं होने के कारण सभासद प्रस्ताव लाए थे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अतुल कुमार ने दो सभासदों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराकर मानहानि की। एक नवंबर के पालिका के प्रस्ताव के अनुसार उनकी दोबारा यहां पर पोस्टिंग नहीं हो सकती। उनको दोबारा पालिका में भेजकर अशांति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। पालिका में शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि कोई भी विभागीय अधिकारी और पटल सहायक किसी भी पत्र एवं पत्रावली को डॉ अतुल कुमार के पास नहीं भेजेगा। कहीं भी डॉ अतुल के हस्ताक्षर न कराए जाएं। ऐसा नहीं करने वाले पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
इन अफसरों को भेजी प्रतिलिपि
चेयरपर्सन ने आदेश की प्रतिलिपि सहारनपुर के मंडलायुक्त, डीएम, सचिव आयुष चिकित्सा, महानिदेशक चिकित्सा, निदेशक आयुर्वेदिक सेवाएं, सीएमओ, एडीएम प्रशासन आदि को भेजी है।