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भुगतान नहीं होने से पालिका ठेकेदारों ने काम बंद किए

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भुगतान नहीं होने से पालिका ठेकेदारों ने निर्माण कार्य बंद किए
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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका के पास 50 ठेकेदारों का लगभग दस करोड़ रुपये बकाया है। छह माह से ठेकेदार भटक रहे हैं। तीन करोड़ के 22 कार्यों की जांच के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। इसके चलते ठेकेदारों ने निर्माण कार्य बंद कर दिए हैं।
नगर पालिका के ठेकेदार टेंडर आदि की प्रक्रिया के बाद भी भुगतान नहीं होने से आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट गए हैं। 14 वें वित्त एवं 15 वें वित्त के 15 करोड़ रुपये के यहां 125 कार्य होने हैं, इनमें से 90 कार्य पूरे हो चुके हैं। 22 कार्यों के लिए तीन करोड़ का भुगतान 31 मार्च को हो जाना चाहिए था, लेकिन जांच का पेंच फंसाकर यह भुगतान नहीं हुआ। एडीएम वित्त और पीडब्लूडी एक्सईएन के जांच कर रिपोर्ट देने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। सात करोड़ के कार्य पूरे होने के बाद भी बिल आदि की प्रक्रिया को पालिका ने पूरा नहीं किया है। तीन करोड़ के कार्य ऐसे हैं, जिनके टेंडर ही अधर में लटके हैं। वहीं, शासन ने पालिका को पत्र जारी कर कहा है कि 30 जून तक यह सभी पैसा खर्च कर उन्हें रिपोर्ट दें। नगर पालिका परिषद की कांट्रेक्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आदेश त्यागी का कहना है कि कई ठेकेदार ब्याज पर पैसा लेकर कार्य कर चुके हैं। पालिका में कोई अफसर सुनने को तैयार नहीं है। ठेकेदारों का हर तरह से शोषण किया जा रहा है। परेशान ठेकेदारों की बृहस्पतिवार यानि आज बैठक होगी, जिसमें आगे के लिए निर्णय लिया जाएगा।
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भुगतान समय पर करने के पक्ष में
चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का कहना है कि हम निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के पक्ष में हैं। कार्य मानक के अनुसार होने चाहिए, लेकिन ठेकेदारों को भुगतान भी समय पर होना चाहिए। भुगतान के लिए 31 मार्च से पहले ईओ को पत्र लिखा गया था, लेकिन अफसर सुनने को तैयार नहीं हैं।
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