अब चलने लायक नहीं रहा मुजाहिदपुर व भूपखेड़ी मार्ग
खतौली। एनएच-59 पर अलकनंदा होटल के पीछे से अपर जोली राइट रजबहे की पटरी का मार्ग मुजाहिदपुर व भूपखेड़ी आदि गावों से लेकर मेरठ के पुरा तक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। विभागीय उदासीनता के चलते अब यह मार्ग चलने लायक नहीं रहा है। मार्ग पर आधा अधूरा निर्माण कराया गया, इसके बावजूद भी वह जगह जगह से टूटने लगा है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों की वजह से वाहन सवार गिरकर घायल भी हो जाते हैं। यह सड़क गड्ढों की वजह से हादसों का सबब नहीं हुई है। क्षेत्र के लोगों ने इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत कराया, लेकिन समस्या का अभी तक समाधान नहीं हो सका है।
यह 35-40 किलोमीटर सड़क से कई गांवों के संपर्क मार्ग जुड़े हैं। गांव बड़सू, सिकंदरपुर, मुजाहिदपुर, भूपखेड़ी आदि गांव इस मार्ग से जुड़े हैं। इन गांवों के लोग प्रतिदिन इसी मार्ग से होकर निकलते हैं। कांवड़ यात्रा भी इस मार्ग पर चलती है। कांवड़िये इसी मार्ग से होकर कम समय में यात्रा पूरी करके मेरठ के पुरा में स्थित महादेव मंदिर पहुंचते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान भी इस मार्ग की हालत बद से बदतर रही। इस सड़क पर कुछ निर्माण कार्य कराया गया था, लेकिन बाद में निर्माण कार्य को रोक दिया गया। आधा अधूरे निर्माण को लेकर लोगों में भारी रोष व्याप्त है। क्षेत्र के लोगों ने इस सडक़ का निर्माण कराए जाने की मांग शासन व प्रशासन से की है।
क्या कहते हैं अधिकारी
ग्रामीणों से जानकारी मिली है कि यह मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से लोगों आना जाना भी मुश्किल हो गया है। इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। अजय कुमार, एसडीएम, खतौली।
-------------
(फोटो)
1-ग्रामीण जनकसिंह का कहना है कि यह मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। सड़क में गहरे गड्ढे हो चुके हैं। सड़क पर वाहन से चलने पर हादसे का खतरा बना रहता है। इस मार्ग का अतिशीघ्र निर्माण होना चाहिए।
----------------
(फोटो)
2-पूर्व बीडीसी सदस्य इरफान का कहना है कि कांवड़ यात्रा प्रारंभ होने से एक वर्ष पूर्व रोड़ी डाल दी गई थी। एक वर्ष तक रोड़ी पड़ी रही। कांवड़ यात्रा शुरू होने से कुछ दिन पूर्व सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया, लेकिन बीच में अधूरा छोड़ दिया गया था।
---------------
(फोटो)
3-गांव भूपखेड़ी के समाजसेवी अरविंद का कहना है कि जब भी इस मार्ग की थोड़ी बहुत मरम्मत की जाती है। कुछ दिनों बाद ही बारिश होने से मार्ग फिर से टूट जाता है। मानक के अनुरूप सड़क निर्माण में सामग्री नहीं लगाई जाती है।