एसटीएफ ने शुक्रवार को गांव बाढ़ के जनता इंटर कॉलेज में छापा मार कर इंटरमीडिएट भौतिक विज्ञान की परीक्षा में सामूहिक नकल पकड़ी है। केंद्र व्यवस्थापक समेत करीब 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सामूहिक नकल पकड़े जाने से डीआईओएस ऑफिस भी संदेह के घेरे में आ गया है। डीएम डॉ अजय शंकर पांडे ने बताया कि सामूहिक नकल के मामले में डीआईओएस प्रवीण मिश्रा की भूमिका भी संदिग्ध है, जिसकी जांच एडीएम प्रशासन अमित सिंह को सौंपी गई है।
जनता इंटर कॉलेज बाढ़ में बोर्ड परीक्षा में सामूहिक नकल कराए जाने की शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ से की गई थी। मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश पर एसटीएफ सक्रिय हुई। शुक्रवार को दूसरी पाली में एसटीएफ टीम और एडीएम प्रशासन ने केंद्र पर छापा मारकर सामूहिक नकल पकड़ी। टीम ने पकड़े गए लोगों से मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। कुछ को खिड़की के पास से बोल कर और कुछ को मोबाइल फोन पर सामूहिक नकल कराई जा रही थी।
जिन परीक्षार्थियों को नकल कराई जा रही थी, उन्हें भी परीक्षा केंद्र में ही रोक लिया। डीआईओएस दफ्तर के कुछ कर्मचारी भी एसटीएफ के रडार पर है। सेंटर बनाए जाने से पहले ही जनता इंटर कॉलेज समेत चार परीक्षा केंद्रों की शिकायत सीएम योगी से की गई थी, इसके बावजूद भी इन कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया। पास के गांव खुड्डा और मथुरा स्थित विद्यालयों के छात्रों का परीक्षा केंद्र यहां बनाया गया था।
एसडीएम सदर, डीआईओएस, चरथावल पुलिस को भी मौके पर बुला लिया गया। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि एसटीएफ नोएडा के डिप्टी एसपी अमित नागर के नेतृत्व में टीम ने सामूहिक नकल पकड़ी है। इस संबंध में चरथावल थाने में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।