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मोरना क्षेत्र में मिले सबसे ज्यादा टीबी रोगी

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मोरना क्षेत्र में मिले सबसे ज्यादा टीबी रोगी
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मुजफ्फरनगर। टीबी के खात्मे के लिए चल रहे अभियानों में छिपे हुए रोगियों को ढूंढा जा रहा है। हाल ही में चलाए गए टीबी रोगियों की खोज के अभियान में सबसे ज्यादा 128 नए रोगी सामने आए हैं। इनमें सबसे ज्यादा मोरना क्षेत्र में हैं। इस क्षेत्र के ककरौली और तेवड़ा गांव संवेदनशील हैं। इन गांवों में पहले भी रोगी सामने आ चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 तक टीबी रोग के खात्मे के लिए अभियान की शुरुआत की है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए समय-समय पर नए रोगियों को खोजने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। 11 से 23 अक्तूबर तक छठी बार अभियान चलाया गया। इस अभियान में लगी टीमों ने घर-घर जाकर टीबी संदिग्ध रोगियों की जांच कराई। बलगम की जांच से 99 रोगियों को टीबी की पुष्टि हुई, जबकि 28 रोगियों को अन्य प्रकार की टीबी पाई गई। इन सभी का उपचार शुरू कर दिया गया है। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. लोकेश गुप्ता ने बताया कि सबसे ज्यादा मोरना क्षेत्र में 21 रोगी सामने आए हैं। ककरौली और तेवड़ा गांव में ज्यादा रोगी मिले हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले चले अभियानों में भी इस क्षेत्र में ज्यादा रोगी सामने आए थे। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में ज्यादा ध्यान दिया जाता है।
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घनी आबादी और गंदगी से पनप रही टीबी
मुजफ्फरनगर। घनी आबादी और गंदगी वाले क्षेत्रों में टीबी की बीमारी पनप रही है। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. लोकेश गुप्ता का कहना है कि उचित आहार न लेना, धूम्रपान, प्रदूषित क्षेत्र में रहना, गंदगी आदि टीबी रोग के कारण हो सकते हैं। टीबी के मरीज के संपर्क में आने से भी यह रोग फैलता है। उन्होंने बताया कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में टीबी रोगियों के मिलने की ज्यादा संभावना रहती है, इसलिए इन क्षेत्रों में ज्यादा ध्यान दिया जाता है।
अभियान में सामने आए रोगी
अस्पताल क्षेत्र चिह्नित रोगी
मोरना 21
बघरा 13
मखियाली 02
गालिबपुर 11
जानसठ 15
नगर क्षेत्र 07
मेघाखेड़ी 03
बुढ़ाना 14
शाहपुर 14
चरथावल 10
खतौली 08
पुरकाजी 09
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