बंधक मजदूरों को ईंट भट्ठे से मुक्त कराया
मुजफ्फरनगर। जिले के 12 बंधुआ मजदूरों को बच्चों और महिलाओं सहित हरिद्वार जिले की रुड़की तहसील के मंगलौर इलाके में एक भट्टे पर बंधक बनाकर रखा गया था। शिकायत के बाद संयुक्त अभियान में बंधक को मुक्त कराकर उनके घर भेजा गया। आरोप है कि चार माह तक बंधक बनाकर रखा गया।
एक्शन ऐड़ एवं नेशनल कैंपेन कमिटी फ़ॉर इरेडिकेशन ऑफ बोंडेड लेबर के निर्देशन में दिल्ली से आई टीम ने हरिद्वार प्रशासन से संपर्क करके उनकी भी एक टीम का गठन कराया। इसके बाद प्रशासन ने दिल्ली से आयी मानाधिकारवादियों की टीम को लेकर ईंट भट्ठे पर रेस्क्यू अभियान चलाया। हरिद्वार प्रशासन के सहयोग और संयुक्त साझा प्रयास से अभियान को सफलता मिली है। ईंट भट्ठे पर मजदूरों की हालत काफी दयनीय थी। मौके पर नायब तहसीलदार मंगलौर सुरेश सैनी ने सभी मजदूरों का बयान दर्ज किया। लेबर ऑफिसर ने भट्ठा मालिक को बुलाकर बताया कि लेबर लॉ एक्ट 1976 के तहत उन पर कार्यवाही होगी। मानवाधिकार कार्यकर्ता निर्मल गोराना के अनुसार उत्तर प्रदेश की सरकार को तत्काल बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास की योजना 2016 के तहत इन्हें पुनर्वासित करना चाहिए। रेस्क्यू अभियान टीम में मानवाधिकार कार्यकर्ता क़मर इंतेख़ाब भी शामिल रहे। सभी बंधुवा मजदूरों को उनके घरों पर छोड़ दिया गया है।