रतनपुरी/खतौली। गांव सठेड़ी माइनर की पटरी फिर से टूट गई। जिससे दो गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ने और गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। शनिवार रात में सठेड़ी माइनर की पटरी फिर से क्षतिग्रस्त होकर टूट गई। जिससे माइनर का पानी किसानों के खेतों में पहुंच गया। गांव सठेड़ी और बड़सू गांव के किसानों के गन्ने के खेतों में पानी भर गया।
जिससे गन्ने की छिलाई और बुवाई प्रभावित हुई है। इसके अलावा किसानों की गेहूं की खड़ी फसल ज्यादा पानी भरने के कारण बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। विदित हो सठेड़ी माइनर की पटरी 11 मार्च को भी टूट गई थी। जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ था। इस माइनर की पटरी टूटने का यह सिलसिला पिछले कई वर्षों से लगातार जारी है। इससे पहले भी कई बार सठेड़ी माइनर की पटरी टूटने के कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
सिंचाई विभाग द्वारा बार बार पटरी को दुरुस्त करने के बावजूद भी पटरी फिर से टूट जाती है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग अपने कार्य को सही तरीके से नहीं कर पा रहा है। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। गांव बड़सू निवासी विजयपाल सैनी, मांगेराम, रोहिताश सिंह, कांशीराम, कुंवरपाल सैनी, राजकुमार सैनी, महावीर सिंह, ऋषिपाल, किरण सिंह आदि किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। जबकि सठेड़ी निवासी किसान ऋषिपाल, समय सिंह, धर्मसिंह, राधेलाल, बाबूराम, बालकिशन, शोभाराम, कबूल सिंह, भवानी, देवी सिंह, रामपाल आदि किसानों की गेहूं और गन्ने की फसल को नुकसान हुआ है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।