पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मिलें चीनी के साथ बिजली का उत्पादन भी कर रही है। बगास से बिजली बनाकर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम को बेच रही हैं। वर्ष 2016-17 में पश्चिम की बीस चीनी मिलों ने बिजली बेचकर 214 करोड़ 52 लाख कमाए। निगम ने इस पैसे का मिलों को भुगतान भी कर दिया है। अकेले मुजफ्फरनगर जनपद को 78 करोड़ मिले हैं। खतौली प्रदेश में सबसे ज्यादा बिजली का उत्पादन करने वाली चीनी मिल है।
आम के आम और गुठलियों के दाम वाली कहावत चीनी मिलों पर सिद्ध हो रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 20 चीनी मिलों ने अपने यहां बगास से बिजली बनाने के प्लांट लगाए हैं। अपनी आपूर्ति करने के साथ ये चीनी मिले पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम को बिजली बेच रही हैं। पश्चिम की इन चीनी मिलों ने वर्ष 2016-17 में 214.52 करोड़ की बिजली बेची है। प्रदेश में बिजली उत्पादन में खतौली चीनी मिल पहले स्थान पर है।
इस अकेली चीनी मिल ने 23.21 करोड़ की बिजली विक्रय की है। जिला गन्ना अधिकारी ओपी यादव ने बताया कि अकेले मुजफ्फरनगर जनपद की चीनी मिलों को बिजली से 78 करोड़ मिले हैं। यह पैसा मिलों के पास आ चुका है। चीनी मिले यह पैसा किसानों को बकाया भुगतान के रुप में दे रही है। डीएम राजीव शर्मा ने साफ किया है कि जो चीनी मिल समस्त पैसा किसानों के खातों में डाल देगी, उसे ही पेराई बंद करने के लिए एनओसी दी जाएगी।
चीनी मिल जिला धनराशि
खतौली मुजफ्फरनगर 23.21 करोड़
तितावी मुजफ्फरनगर 12.93 करोड़
बुढ़ाना मुजफ्फरनगर 13.00 करोड़
मंसूरपुर मुजफ्फरनगर 13.80 करोड़
टिकौला मुजफ्फरनगर 6.77 करोड़
खाईखेड़ी मुजफ्फरनगर 9.16 करोड़
देवबंद सहारनपुर 13.24 करोड़
गागनौली सहारनपुर 1.50 करोड़
शेरमऊ सहारनपुर 11.96 करोड़
थानाभवन शामली 10.00 करोड़
मवाना मेरठ 4.49 करोड़
दौराला मेरठ 17.71 करोड़
किनौनी मेरठ 10.00 करोड़
नंगलामल मेरठ 6.36 करोड़
साबितगढ़ बुलंदशहर 5.14 करोड़
बरकातपुर बिजनौर 11.93 करोड़
बिलाई बिजनौर 10.00 करोड़
स्योहारा बिजनौर 12.83 करोड़
बुंदकी बिजनौर 6.31 करोड़
बहादुरपुर बिजनौर 14.18 करोड़