लाखों खर्च, फिर भी शौचालय की हालत दयनीय
मुजफ्फरनगर, खतौली। कस्बे में नगर पालिका की ओर से अलग-अलग स्थानों पर लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए सार्वजनिक शौचालयों की हालत दयनीय है। उनकी रखरखाव के लिए कोई भी सफाई कर्मी नहीं लगाया गया है।
कस्बे में कुंद कुंद विहार, मिठठूलाल, लाल मोहम्मद, इस्लामनगर, दुर्गापुरी, लाल मोहम्मद भावनी नगर, शिवपुरी, देवीदास पश्चिमी, नगरपालिका सहित नौ स्थानों पर लाखों रुपये खर्च कर सार्वजनिक शौचालय बनाए गए थे। कई स्थानों पर पांच अस्थाई शौचालय रखे गए थे, जिन्हें शिकायतों के बाद हटा दिया गया है। इन सभी शौचालयों की हालत सही नहीं है। इनमें पानी की सुविधा नहीं है। इनके अंदर गंदगी का अंबार है। मार्केट के दुकानदारों सहित आने जाने वाले राहगीरों को इनका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
क्या कहती है जनता
- नगर में पीकेट स्कूल के बाहर बनाए गए शौचालय को लेकर जब वहां दुकानदारों से बात की गई तो दुकानदार राकेश का कहना था कि शौचालय में कोई रखरखाव नहीं है। दरवाजे टूटे हुए हैं, पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।
-ठेली संचालक अमन सिंहह का कहना है कि शौचालयों की हालत खस्ता हाल है, इन शौचालयों के पास जिनकी दुकानें है, वह दुकानदार परेशान हैं। सार्वजनिक शौचालय होने के बाद भी दिशा शौच के लिए घर जाना पड़ता है। पालिका द्वारा बनाए गए शौचालयों की सफाई नहीं होती।
- रोडवेज के सामने बने शौचालयों के बारे में ट्रांसपोर्टर जुल्फकार का कहना है कि सार्वजनिक शौचालयों की हालत ठीक नहीं है। गंदगी के कारण उसमें जाना भी दूभर है। पालिका को इनका रखरखाव करना चाहिए।
- टैक्टर मिस्त्री भोपाल सिंह का कहना है कि इस प्रकार शौचालयों की अनदेखी करना सरकारी रुपये की बर्बादी है। जब इन्हें जनता की सुविधा के लिए बनाया गया है, तो पालिका को सुविधा भी उपलब्ध करानी चाहिए।
क्या कहते हैं अधिकारी
नगरपालिका चेयरपर्सन बिलकिस बेगम का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण रखरखाव नहीं हो पा रहा है। जल्द ही इनकी साफ सफाई के लिए दो सफाई कर्मचारी अलग से नियुक्त करने की योजना बनाई जा रही है।
खतौली में बने सार्वजनिक शौचालय बने थूकदान।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
खतौली में बने सार्वजनिक शौचालय के बाहर व अन्दर फैली गंदगी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR