साइकिल पर जीती प्रवासी मजदूरों ने लड़ाई
मुजफ्फरनगर/भोपा। बाहरी प्रांतों से आ रहे प्रवासी मजदूरों की साइकिलें छीने जाने की लगातार शिकायतों के बाद पुलिस-प्रशासन ने मजदूरों को आखिरकार साइकिलें अपने साथ ले जाने की इजाजत दे दी है। मंगलवार को मजदूरों को उनकी साइकिलों के साथ ही बसों में बैठाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
जनपद में पिछले तीन दिन से लगातार बाहरी प्रांतों से आ रहे प्रवासी मजदूरों की साइकिलें पुलिस द्वारा छीनकर उन्हें जबरन वाहनों में बैठाकर आगे रवाना कर दिए जाने की शिकायतें आ रहीं थीं। सोमवार को तो जनपद के पुरकाजी, भोपा व रतनपुरी के साथ ही शहर क्षेत्र में भी मजदूरों से साइकिलें छीनकर उन्हें वाहनों में जबरन बैठाकर रवाना किए जाने की कई शिकायतें आईं। एक मामले में तो प्रवासी मजदूरों ने साइकिलें छीनकर एक ट्रक में बैठाने और ट्रक चालक द्वारा उन्हें हाईवे पर संधावली फ्लाईओवर से पहले जंगल में उतार दिए जाने की भी शिकायत की थी। लगातार इस तरह की शिकायतें आने के बाद मंगलवार को आखिरकार पुलिस-प्रशासन ने सक्रिय होते हुए मजदूरों को अपनी साइकिलें साथ ही ले जाने की अनुमति दे दी। मंगलवार को डीएम सेल्वा कुमारी जे ने भोपा भ्रमण के दौरान मजदूरों को साइकिलें लेकर जाने की अनुमति दिए जाने की बात कही। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर गाड़ियों में जाते हुए अपनी साइकिलों के साथ देखे गए, जिनकी साइकिलें गाड़ियों की छत अथवा खिड़की पर बंधी हुईं थीं।