मुजफ्फरनगर। जिले में पारा लगातार गिरता जा रहा है। बर्फीली हवाओं के चलते शनिवार को न्यूनतम तापमान जमाव बिंदू के निकट 0.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सर्द हवाओं के आगे दिन में सूरज की रोशनी भी बेअसर हो गई। अत्यधिक सर्दी के चलते बाजारों में रौनक भी काफी कम हो गई। ग्रामीण अंचल से लोगों का आवागमन नहीं होने से बाजार दिन में भी खाली रहे। उधर, यातायात पर भी ठंड असर देखने को मिला।
मुजफ्फरनगर में शनिवार का दिन पूरी तरह सर्द हवाओं की चपेट में रहा। सुबह से ही यह अहसास हो गया कि तापमान काफी गिर गया है। टंकियों से निकलने वाला पानी बर्फ के समान महसूस होने लगा है। घरों में लोग रखे हुए पानी की अपेक्षा ताजे पानी का प्रयोग कर रहे हैं। शीत लहर के चलते लोगों का हाल बेहाल है। सुबह के समय न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
ठंड ने दिसंबर माह का 24 दिसंबर 2010 का 0.6 डिग्री का रिकार्ड भी तोड़ दिया है। दिन में निकली धूप भी शीत लहर के सामने बेअसर दिखाई दी। दिन में दोपहिया वाहन चलकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर दोपहिया वाहन कम ही दौड़ते दिखाई दिए। गांवों से शहर में आने वाले लोग बहुत ही कम दिखाई दिए।
ग्रामीण अंचल के लोगों के नहीं आने से बाजारों की रौनक ही गायब सी दिखाई दी। बाजार सुबह 11 बजे तक खुले, बाजार में ग्राहक कम होने के कारण शाम को छह बजे के बाद दुकानें बंद होने लगी। ठंड का बाजारों पर जहां सीधा असर दिखाई दिया। वहीं यातायात व्यवस्था तो पूरी तरह प्रभावित हो गई। रोडवेज बस अड्डे पर दस बजे तक कोई चहल पहल नजर नहीं आई। रेलवे स्टेशन पर भी ठंड का असर साफ दिखा। उधर, देहात में शनिवार सुबह कोहरे का असर रहा। जिसके चलते सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए।