भरतपुर स्थित अपना घर जहां पर मंदबुद्धि महिला रखा गया है।
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मुजफ्फरनगर में रेप का शिकार होकर बच्चे को जन्म देने वाली मंदबुद्धि महिला की रहस्यमय कहानी से परदा उठ गया है। महिला मेरठ के हनुमानपुरी की रहने वाली है। आर्य कन्या इंटर कालेज में कागजों से उसकी शिनाख्त हुई। हालांकि उसके माता-पिता बेहद गरीब हैं। महिला ने घरेलू हिंसा में दिमागी संतुलन खोया था। पुलिस ने सोमवार को उसके पति और ननदोई के खिलाफ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का मामला दर्ज कर लिया है।
शहर में पिछले दिनों एक मंदबुद्धि महिला दुष्कर्म के बाद गर्भवती हो गई थी। आठ माह की गर्भवती महिला के सड़क पर घूमने का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। महिला की मदद के लिए कई संस्थाएं सामने आईं। महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक माह के उपचार के बाद उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
बाद में अस्पताल से जच्चा-बच्चा को लोक आस्था जनकल्याण समिति को सौंप दिया गया। इसके बाद महिला ने एकाएक कागज पर कुछ लिखकर बताने की कोशिश की। उसने मेरठ के आर्य कन्या इंटर कालेज का नाम भी लिखा।
संस्था के पदाधिकारियों ने कालेज के लिपिक धर्मेंद्र से संपर्क किया और महिला का फोटो दिखाया। बाबू ने रिकार्ड से मिलान कर महिला को हनुमानपुरी, निकट सूरजकुंड निवासी बताया। महिला के माता-पिता और भाई ने उसकी पहचान की। महिला के पिता ने बताया कि उसके छह बच्चे हैं। पीड़िता उसकी सबसे छोटी बेटी है। 4 फरवरी 2004 को उसकी शादी मुरादनगर के मिलक चाकर गांव में हुई थी। शादी के डेढ़ साल बाद उसकी एक बच्ची हुई। महिला का पति शराब पीने का आदी था, वह नशे में उसे मारता-पीटता था। इसमें उसके ननदोई की भूमिका भी रही। पिटाई के कारण उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। दिल्ली के शाहदरा के मानसिक चिकित्सालय में उसका इलाज भी चला।
तीन साल पहले वह घर से अचानक गायब हो गई। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। महिला के माता-पिता की आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। उन्होंने बेटी की जिम्मेदारी उठाने में असमर्थता जताते हुए कहा कि उसे और उसकी बच्ची को किसी संस्था को सौंप दिया जाए। संस्था के सचिव सुनील वर्मा की ओर से शहर कोतवाली में दी गई तहरीर पर सोमवार को महिला के पति प्रमोद शर्मा और ननदोई सुखवीर के खिलाफ मानसिक, शारीरिक उत्पीड़न के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।