फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मीरापुर : 14 टेबल पर 24 राउंड में होगी मतगणना, जानें लोकसभा चुनाव में किस चक्र में कौन सी पार्टी रही थी आगे

Fri, 22 Nov 2024 06:34 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

बुधवार को मतगणना के लिए नवीन मंडी स्थल पर 14 टेबल लगाई जाएंगी। 328 बूथ की गिनती 24 चक्र में पूरी होगी। 
विज्ञापन
मीरापुर उपचुनाव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मीरापुर उपचुनाव की गिनती 14 टेबल पर 24 राउंड में पूरी होगी। प्रत्येक चरण में 14 बूथ के नतीजे सामने आएंगे। नन्हेड़ा से गिनती शुरू होकर घटायन में जाकर पूरी होगी। तीसरे चरण में मुस्लिम आबादी की अधिकता वाले सीकरी गांव की गिनती से नतीजों की तस्वीर साफ होनी शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन

सात महीने पहले लोकसभा चुनाव में भाजपा-रालोद का गठबंधन हुआ था। बिजनौर लोकसभा की मीरापुर सीट पर वर्तमान सांसद चंदन चौहान ने सपा के दीपक सैनी को करीब आठ हजार मतों से हराया था। विधानसभा के उपचुनाव में गठबंधन वही है, लेकिन प्रत्याशी बदल गए हैं।
 

चुनाव के बाद अब मतगणना के लिए नवीन मंडी स्थल पर 14 टेबल लगाई जाएंगी। 328 बूथ की गिनती 24 चक्र में पूरी होगी। सात महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में मिले मतों को आधार माना जाए तो पहले दो चरण में सपा प्रत्याशी के पीछे रहने का अनुमान है। तीसरे चक्र में मुस्लिम आबादी की अधिकता वाले सीकरी की मतगणना कराई जाएगी।
सीकरी से ही मुस्लिम मतों के रुझान की तस्वीर भी साफ हो जाएगी। देखने वाली बात यह होगी कि सपा, बसपा और आसपा के बीच मुस्लिम मतों का बंटवारा हुआ है या नहीं। सीकरी में वोटों का बंटवार हुआ तो सपा प्रत्याशी सुम्बुल राना के लिए खतरे की घंटी बज जाएगी।
 

पहले छह चक्र सपा के लिए चुनौती
मतगणना के पहले छह चक्र में भोपा तक मतों की गिनती पूरी होगी। सातवां चक्र नगला बुजुर्ग गांव से शुरू होगा। लोकसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी दीपक सैनी ने वर्तमान रालोद सांसद चंदन चौहान को इस गांव में हराया था। लेकिन नगला बुजुर्ग के मजरे विलायतनगर में रालोद ने वापसी की और सपा प्रत्याशी को हरा दिया था।
 

मोरना के मुकाबले पर सबकी निगाह
लोकसभा चुनाव में सपा और रालोद प्रत्याशी के बीच मोरना गांव में कांटे की टक्कर हुई थी। आठ बूथों में पहले दो पर रालोद प्रत्याशी को कम वोट मिले, लेकिन आठवें बूथ तक जाते-जाते मुकाबला कांटे का हो गया था। इस बार देखने वाली बात यह होगी कि रालोद प्रत्याशी मिथलेश पाल गांव में किस तरह वोट हासिल कर पाती हैं।
 

पहले बसपा जीती, इस बार क्या करेगा रुड़कली
विधानसभा के मुस्लिम आबादी के रुड़कली गांव के रुख पर सबकी निगाह रहेगी। असल में लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी बिजेंद्र सिंह ने यहां सपा और रालोद प्रत्याशी से ज्यादा वोट हासिल किए थे। वर्तमान सांसद चंदन चौहान गांव में 100 वोट का आंकड़ा भी नहीं छू सके थे। इस बार देखने वाली बात यह होगी कि रुड़कली का क्या रुख रहता है। तीन दलों से मुस्लिम प्रत्याशी होने के कारण वोटों में बिखराव का अनुमान है।
 
विज्ञापन

तिस्सा से संभलहेड़ा तक रालोद के लिए चुनौती
विधानसभा में तिस्सा से मुस्लिम आबादी की अधिकता वाले गांव शुरू हो जाते हैं। तिस्सा, रुड़कली फतेह अली, जौली, तेवड़ा, कम्हेड़ा, कवाल, ककरौली, जटवाड़ा, संभलहेड़ा तक पहुंचते-पहुंचते नतीजे साफ हो जाएंगे।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें