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मौलाना के गायब होने पर कवाल में पंचायत

Sat, 05 Sep 2015 12:49 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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जानसठ। कवाल गांव निवासी मौलाना सादात का गायब होना प्रशासन के गले की फांस बनता जा रहा है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने एसएसपी कार्यालय को घेरने के लिए गांव में ही पंचायत की। सूचना मिलते ही जिले के आला अधिकारियों ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से मौलाना का पता लगाने के लिए दो दिन का समय मांगा।
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बुधवार सुबह कवाल गांव निवासी मौलाना सादात रेल के टिकट बुक कराने के लिए मुजफ्फरनगर गया था, लेकिन वापस नहीं आया। मौलाना सादात मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की मस्जिद में पढ़ाता है। परिजनों ने गुमशुदगी की थाने में तहरीर दी।

इसके बाद ग्रामीणों ने बैठक कर पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। मौलाना का पता नहीं चलने पर शुक्रवार को ग्रामीणों ने पंचायत कर एसएसपी कार्यालय को घेरने की योजना बनाई। जानसठ तालीम उल कुरान मदरसे के संचालक मौलाना नजीर अहमद कासमी भी समर्थकों के साथ कवाल पहुंचे।
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 जैसे ही इस बात का पता जिले के अधिकारियों को लगा तो तुरंत एडीएम प्रशासन डॉ इंद्रमणि त्रिपाठी, एसपी सिटी श्रवण कुमार, सीओ भोपा सूक्ष्म प्रकाश, एसडीएम उमेश कुमार मिश्रा कवाल गांव पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।

इसके बावजूद मौलाना नजीर के साथ आए समर्थकों ने पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर पुलिस चौकी के पास प्रदर्शन किया। मौजूद अधिकारियों ने दो दिन में मौलाना का पता लगाने का आश्वासन दिया, तब जाकर लोग शांत हुए। प्रदर्शन में महताब आलम, आफताब, सज्जाद प्रधान, सुभानी, अरशद आबिद, गांव प्रधान महेंद्र सैनी आदि लोग मौजूद रहे। उधर, मौके पर कई थानों की पुलिस को बुला लिया था। शाम को गांव में एहतियातन पीएसी भी तैनात कर दी गई।

एनआईए के उठाकर ले जाने की रही चर्चा
कवाल निवासी मौलाना सादात के गायब होने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मौलाना का गायब होना रहस्य बना हुआ है, जिसे लेकर चर्चाएं फैल रही हैं। ग्रामीणों में चर्चा है कि मौलाना को एनआईए द्वारा उठाया गया है, जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है।
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