पुरकाजी। खादर क्षेत्र में उत्तराखंड से बार-बार पानी छोड़े जाने से सोलानी नदी उफनाई हुई है। पानी नदी से बाहर निकलकर गांवों के रास्तों व घरों तक पहुंच गया है। खेतों में पानी भरने से फसलें पानी में डूब गई हैं। लगातार पानी बढ़ने से ग्रामीण भयभीत हैं। रजगल्लापुर व शेरपुर नंगला में घरों में पानी घुस गया है।
खादर क्षेत्र में उत्तराखंड से करीब 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बुधवार को सोलानी नदी उफना गई थी। नदी से बाहर निकलकर जंगलों व खेतों और कई गांवों के रास्तों पर पानी आ जाने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया था। गांव शेरपुर नंगला, रामनगर व रजगल्लापुर, भदौला, फ़रखपुर, पांचली, रतनपुरी, आयक़ी, बढि़वाला, भैंसली वाला, अल्मावाला आदि गांवों के रास्तों पर ज्यादा पानी भर जाने से ग्रामीण घरों में कैद होकर रह गए थे।
गांव शेरपुर नगला में कई घरों के अंदर पानी घुस गया था। बृहस्पतिवार की रात उत्तराखंड से करीब 15 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया। जिससे शुक्रवार को खादर क्षेत्र के कई गांव जलमग्न हो गए। गांव भैंसली वाला की बस्ती व स्कूल और गांव रजगल्लापुर व शेरपुर नंगला के दजनों घरों में पानी घुस गया और वहां रखा सामान भी पानी में भीग कर खराब हो गया। पानी लगातार बढ़ने के चलते ग्रामीण बेहद चिंतित व भयभीत हैं।
ग्राम प्रधान रजगल्लापुर प्रमोद कुमार, पिंटू प्रधान, पॉपिंदर गुर्जर, डॉ गुलशन कुमार, याद राम प्रजापति, सतनाम सिंह, राजेंद्र पांचली, राजू प्रजापति, रणधीर सिंह, सेवाराम, अमित कुमार, बिजेंद्र सिंह, ललित कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब ढाई माह से बार बार पानी छोड़ा जा रहा है। कई वर्षों बाद इस बार पानी ज्यादा छोड़ा जा रहा है। सोलानी नदी से बाहर निकलकर पानी खेतों में भरा हुआ है, जिससे गन्ने व धान और चारे की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। पशुओं के लिए हरे चारे की विकट समस्या बनी हुई है। हरा चारा नहीं मिलने से पशु कमजोर होने लगे हैं। दुधारू पशुओं का दूध बहुत कम हो गया है।
ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नाव में बैठकर नदी पार करनी पड़ रही है। बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित है। क्षेत्रीय लेखपाल प्रदीप सैनी ने बताया कि पानी शनिवार तक कम हो जाएगा। ग्रामीणों को कोई दिक्कत ना हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
पुरकाजी खादर क्षेत्र के गांव रजगल्लापुर में भरा पानी। स्रोत ग्रामीण