मुजफ्फरनगर। स्पेशल ऑडिट में सामने आया है कि शासन या लोकायुक्त से हुई शिकायत से जुड़े सात प्रकरणों के महत्वपूर्ण दस्तावेज और पत्रावलियां पालिका से गायब हैं। विभागीय स्तर पर इनका कोई भी रिकॉर्ड पालिका के पास उपलब्ध नहीं है। लेखा अधिकारी की शिकायत पर ईओ ने प्रकरण में छानबीन की तो कई पत्रावलियां गायब पाए जाने पर नाराजगी जताई।
शासन और लोकायुक्त के यहां पूर्व में हुई कुछ शिकायतों पर स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग निदेशालय प्रयागराज के आदेश पर नगर पालिका के अभिलेखों का स्पेशल ऑडिट चल रहा है। इनमें अचल संपत्तियों पर अवैध कब्जे, निजी संपत्ति पर कर निर्धारण में गड़बड़ी, नियमों के विपरीत जन्म प्रमाणपत्र जारी करने आदि सहित सात मामले शामिल हैं। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने टीम प्रभारी की शिकायत पर जांच कराई तो गड़बड़ी सामने आई। लिका से कई प्रकरणों की पत्रावलियां ही गायब कर दी गईं।
पत्रावली हैं तो उनमें से महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब हैं। सात में से चार कर विभाग, दो निर्माण विभाग और एक स्वास्थ्य विभाग के जन्म मृत्यु पटल से संबंधित प्रकरण है। इनमें राजस्व क्षति की शिकायत की पत्रावलियां उपलब्ध नहीं होने के कारण ऑडिट नहीं हो पा रहा। रुड़की रोड गाजावाली पर 15-20 बीघा भूमि और जोहड़ पर अवैध कब्जा, जन्म मृत्यु प्रकरण से जुड़ी पत्रावली भी नहीं मिली है। शहर के भोपा रोड पर स्थित ग्रांड प्लाजा मॉल पर गृहकर निर्धारण की पत्रावली तो तलाश करने के बावजूद नहीं मिल पा रही है। छिंपीवाड़ा व सरवट के दो मकानों के नामांतरण की पत्रावली भी गायब हो गई हैं। इसके साथ ही पालिका मार्केट की दुकानों से जुड़े किराया संबंधित प्रकरण की पत्रावलियां भी स्पेशल ऑडिट के लिए टीम को अभी तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह का कहना है कि गायब पत्रावलियों और दस्तावेजों के क्रम में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है। ईओ का कहना है कि गायब पत्रावलियों और दस्तावेजों के क्रम में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है।