प्रीमियम से बचने को देना होगा घोषणापत्र
मुजफ्फरनगर। किसान यदि फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम नहीं कटवाना चाहते हैं तो वे जुलाई के आखिरी सप्ताह से पहले बैंक में एक घोषणा पत्र दे दें। किसान अब अपनी मर्जी से बीमा कराने के लिए स्वतंत्र हैं। यदि वे फसल बीमा नहीं कराना चाहते हैं तो बैंक प्रीमियम नहीं काटेगा।
किसान क्रेडिट कार्ड धारक किसानों के लिए पहले फसल बीमा को अनिवार्य किया गया था, लेकिन अब इसे स्वैच्छिक कर दिया गया है। यदि किसान फसल बीमा नहीं कराना चाहते हैं तो बैंक प्रीमियम नहीं काटेगा। इसके लिए कृषि कार्ड धारक किसान को जुलाई के अंतिम सप्ताह से पहले बैंक को घोषणा पत्र देना होगा कि वह फसल बीमा नहीं कराना चाहता। फसल बीमा को लेकर शुरुआत से ही विवादों की स्थिति रही है। किसानों के न चाहते हुए भी अनिवार्य कर दिए जाने से कृषि कार्ड धारकों को प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता था।
रबी सीजन में 1723 किसानों का कटा प्रीमियम
मुजफ्फरनगर। जिले के ज्यादातर किसान गन्ने की फसल पर कृषि कार्ड बनवाते हैं। शासन ने गन्ने को पहले ही फसल बीमा से मुक्त कर दिया था, लेकिन रबी एवं खरीफ की फसलों पर प्रीमियम काटा जा रहा था। बीते रबी सीजन में जिले के 1724 किसानों का 798 हेक्टेयर रकबे पर नौ लाख तीन हजार 584 रुपये का प्रीमियम काटकर बीमा कंपनी को भेजा गया।
किसानों को नहीं मिलता था लाभ
मुजफ्फरनगर। फसल बीमा योजना का किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा था। भाकियू मंडल महासचिव राजू अहलावत का कहना है कि नुकसान की भरपाई के लिए बीमा कंपनी के मानक ऐसे थे कि फसल बर्बाद होने के बावजूद किसानों को बीमा राशि नहीं मिल पाती थी। जबकि प्रीमियम काटकर बीमा कंपनी मोटी कमाई कर रही थी। न चाहते हुए भी किसानों को बीमा प्रीमियम देना पड़ रहा था।
इन्होंने कहा...
शासन ने फसल बीमा को स्वैच्छिक कर दिया है। जो किसान फसल बीमा नहीं कराना चाहते हैं वे जुलाई के आखिरी सप्ताह से पहले संबंधित बैंक में घोषणा पत्र दे दें।
- जसवीर तेवतिया, उपनिदेशक कृषि।