मोरना। पौराणिक शुकतीर्थ में ज्येष्ठ दशहरा गंगा स्नान को हजारों श्रद्धालुओं का मंदिरों और शिवालयों में डेरा लग चुका है। मुख्य गंगा स्नान सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में प्रारंभ हो जाएगा। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में सिद्ध अक्षय वट के दर्शन और पूजन को श्रद्धालु उमड़े। गंगा घाट पर यज्ञ, कथा और अन्य अनुष्ठान आचार्यों और पुरोहितों ने संपन्न कराए।
भागवत धरा में गंगा स्नान की पुण्य डुबकी लगाने को श्रद्धा, भक्ति और आस्था का संगम लगा है। श्री शुकदेव मंदिर, हनुमद्धाम, गणेश धाम, शिव धाम, दुर्गा धाम, मां बगलामुखी आदि मंदिरों में पूजा अर्चना कर श्रद्धाभाव से प्रसाद चढ़ाकर श्रद्धालुओं ने सुख, समृद्धि और राष्ट्र कल्याण की कामना की गई। प्राचीन अक्षय वट पर महिलाओं ने मनोकामना हेतु धागे बांधे।
तीर्थ जीर्णोद्धारक, संत विभूति वीतराग स्वामी कल्याणदेव महाराज की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। गंगा किनारे नक्षत्र वाटिका देखने को भारी भीड़ रही। श्री शुकदेव आश्रम के आसपास बाजारों में पूजा सामग्री, मूर्तियां एवं अन्य सामान खरीदने का उत्साह दिखाई दिया। वीतराग स्वामी कल्याणदेव मुख्य द्वार से गंगा घाट की ओर मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई। मुख्य मार्ग पर घाट से एक किलोमीटर पहले पार्किंग की व्यवस्था की गई है। भोकरहेड़ी, फिरोजपुर से आ रहे श्रद्धालुओं के वाहनों को संत समनदास आश्रम के सामने पार्किंग दी गई है।
अंबेडकर तिराहे से विश्वकर्मा मंदिर तक फूड स्टाल लगाए गए हैं। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान आदि दूरस्थ राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे हैं। एसडीएम जानसठ रश्मि लांबा, सीओ भोपा देवव्रत वाजपेयी ने मेले की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
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गंगा घाट पर मुंडन संस्कार, मंदिरों में सत्संग
गंगा घाट अनेक श्रद्धालुओं ने बच्चों का मुंडन संस्कार कराया। प्राचीन दंडी आश्रम, रविदास आश्रम, सत साहेब आश्रम, खिचड़ी वाले बाबा का आश्रम, श्री महेश्वर आश्रम, मानव निर्माण योग आश्रम, सच्चा प्रकाश आदि में भी सत्संग कार्यक्रम रखे गए हैं। पेय जल वितरित किया गया।
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पूर्वजों की स्मृति में दीप दान
गंगा आरती के बाद श्रद्धालुओं ने परिजनों को मोक्ष दिलाने के लिए कुशा के पात्र में दीप प्रज्वलित कर गंगा में प्रवाहित किए और स्मृति में गरीबों को भोजन भी कराया। महिलाओं ने भी दीप प्रवाहित किए। उधर, गंगा में बोट द्वारा घूमने का लुत्फ उठाया। बच्चों ने गंगा स्नान का आनंद उठाया। कारगिल शहीद स्मारक पर शहीदों को पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण स्मरण किया गया।
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गंगा स्नान के पुण्य से जीवन कल्याण : स्वामी ओमानंद
मोरना। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि गंगा भारत की अलौकिक अमृत धारा, भारत की आत्मा तथा राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है, जो जन-जन की आस्था का प्रतीक है। भागीरथी गंगा मनुष्य का जन्म से लेकर मृत्यु तक साथ देती है। गंगा भारत वासियों के लिए भगवान का एक दिव्य वरदान तथा उपहार है, जो युगों-युगों से मानव कल्याण के लिए प्रवाहित हो रही है। उन्होंने कहा कि गंगा को प्रदूषण मुक्त रखना सबका नैतिक दायित्व है। तीर्थ की पवित्रता, शुद्धता और साफ-सफाई का सभी श्रद्धालु विशेष ध्यान रखें।
शुक तीर्थ मेले में परिवार के साथ आते श्रद्धालु। संवाद
शुक तीर्थ मेले में परिवार के साथ आते श्रद्धालु। संवाद
शुक तीर्थ मेले में परिवार के साथ आते श्रद्धालु। संवाद