युवक के पैरों में बंधी जंजीर को काटते पुलिसकर्मी।
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तितावी कुशीनगर निवासी युवक को कोल्हू मालिक ने जंजीरों से बंधक बनाकर रखा। काम के बाद युवक को जंजीर में बांधकर रखा जाता था। किसी तरह से खुद को आजाद कर युवक थाने पहुंचा और पुलिस को मामले से अवगत कराया। पुलिस ने युवक के पैरों की जंजीर खोली और मामले में उससे पूछताछ की। पुलिस मामले में आरोपी कोल्हू संचालक की तलाश में जुटी है। रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
कुशीनगर निवासी छोटेलाल सैनी सात माह पूर्व तितावी निवासी मुकेश को अंबाला में मिला था। सात माह पहले कुशीनगर निवासी छोटेलाल को तितावी निवासी मुकेश अंबाला से मजदूरी पर लेकर आया था। मुकेश ने छोटेलाल को तितावी शुगर मिल के सामने स्थित होटल मालिक सन्नी को दे दिया।
एक माह तक मजदूरी करने के भी पैसे नहीं मिलने पर छोटेलाल अपने घर चला गया। 20 दिन पहले वह अपनी मजदूरी के रुपये लेने होटल पर सन्नी के पास पहुंचा। 17 दिन काम करने के बाद उसने अपनी पहली और अबकी मजदूरी मांगी।
कहा कि मुझे अपने घर जाना है, इसलिए पैसे दे दो। सन्नी ने कहा कि तुम्हें शामली से रेल में बैठाकर, पैसे दे दूंगा। सन्नी ने छोटेलाल को पैसे देने के बजाए उसे रास्ते में एक कोल्हू ठेकेदार को बेच दिया। चार दिन तक उसने कोल्हू में काम किया। ठेकेदार उससे काम कराता और बाद में जंजीरों से बांधकर रखता।
बुधवार दोपहर पीड़ित युवक ने किसी तरह से खुद को बंधनमुक्त किया और कोल्हू से भाग लिया। रास्ते में वह पानीपत-खटीमा मार्ग पर बेहोश होकर गिर पड़ा। राहगीरों ने उसे उठाया तो उसने आपबीती लोगों को बताई।
लोगों ने उसे तितावी थाने पहुंचा दिया। पुलिस ने आरी से काटकर उसके पैरों में बंधी जंजीर को खोला। छोटेलाल ने पुलिस को बताया कि हम दो लोगों को कोल्हू में बंधक बनाकर रखा गया था। दूसरे का नाम रंजीत है और वह मुरादाबाद का रहने वाला है। कोल्हू संचालक हम दोनों को एक ही जंजीर से बांध देता था।
दोपहर के समय रंजीत ने किसी तरह से जंजीर को खोल लिया और हम दोनों मौके से भागने में कामयाब हो गए। पुलिस ने छोटेलाल का मेडिकल कराया। पीड़ित द्वारा कोल्हू संचालक का सही पता नहीं बता पाया। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। एसओ भानु प्रताप सिंह का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।