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नेट एग्जाम में खींच दी ‘लक्ष्मण रेखा’

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यूजीसी नेट पास करने में इंडिया बुक रिकार्ड्स में नाम दर्ज कराने वाले डॉ लक्ष्मण सिंह। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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नेट में खींच दी ‘लक्ष्मण रेखा’
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मुजफ्फरनगर। जब जागे, तब सवेरा...पढ़ाई को लेकर की गई कड़ी मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती है। डॉ. लक्ष्मण सिंह ने ये मिसाल चरितार्थ कर जिले का गौरव बढ़ाया है। स्नातक में सिर्फ 39 प्रतिशत अंक पाए थे। पढ़ाई की ऐसी लगन लगी कि 11 विषयों में यूजीसी नेट पास कर वे फिलहाल देश की सुर्खियों में हैं। ये सफलता उन्हें छह बार नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर मिली है। इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड ने उनकी उपलब्धि को दर्ज किया है।
शहर के मोहल्ला खादरवाला निवासी डॉ. लक्ष्मण सिंह ने डीएवी इंटर कॉलेज से इंटर की। दिल्ली के जेएनयू से बीए और आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स का एंट्रेंस टॉप किया और मास्टर डिग्री प्राप्त की। दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया से दलित राजनीति विषय पर वर्ष 2009 में एमफिल तथा नेपाल की दलित कला पर वर्ष 2016 में पीएचडी कर उच्च शिक्षा का नया मुकाम पाया है। उन्होंने यूजीसी-नेट एग्जाम पास करने का लक्ष्य रखा, तब से इतिहास लिख रहे हैं। वर्तमान में वह राजनीति शास्त्र, समाज शास्त्र, इंडियन कल्चर, अरब कल्चर, इस्लामिक स्टडीज, बौद्ध अध्ययन, जैन अध्ययन, गांधी एवं शांति अध्ययन में यूजीसी नेट कर चुके हैं, जबकि डांस और ड्रामा में जेआरएफ क्वालीफाई किया है। अब इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड ने ये कामयाबी दर्ज कर उनकी क्षमता का लोहा माना है। उनके भाई सुभाष देव भारती कहते हैं कि पढ़ाई के प्रति उनकी लगन, समर्पण और मेहनत पर परिवार को फख्र है।
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25 सब्जेक्ट में यूजीसी नेट पास करने का इरादा
मुजफ्फरनगर। लोकनिर्माण विभाग जयपुर में अनुवादक अधिकारी डॉ. लक्ष्मण सिंह का इरादा 25 विषयों में यूजीसी-नेट एग्जाम पास करने का है। अपने ज्ञान का स्तर जानने को उन्होंने जेएनयू दिल्ली में 33 बार विभिन्न विषयों में एंट्रेंस परीक्षा में कामयाबी पाई, जो रिकार्ड है।
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