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लखनऊ पर नजरें, नेताओं की सांसें अटकी

Sat, 31 Dec 2016 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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शिव चौक पर हंगामा करते अखिलेश समर्थक। - फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी में लखनऊ में चल रहे घमासान से पार्टी कार्यकर्ताओं की धड़कनें बढ़ गई हैं। प्रत्याशी के रूप में जिन नेताओं के नामों की घोषणा हुई हैं, उनकी सांसें भी अटकी हुई हैं। लोग दिनभर टीवी और रेडियो से चिपके रहे। लखनऊ में क्या हो रहा पल-पल इसकी जानकारी लेने में लगे रहे। जिले के सपा के अधिकतम नेता लखनऊ में ही डेरा डाले हुए हैं।             
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समाजवादी पार्टी के कुनबे में रार को लेकर सपाइयों में हलचल बढ़ गई है। सपा कार्यकर्ता टकटकी लगाकर लखनऊ ही ओर देख रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने जैसे ही ये सुना कि सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और प्रोफेसर रामगोपाल यादव को पार्टी से बाहर निकाल दिया है, तो उनकी सांसें थम गईं। लोगों को यह विश्वास ही नहीं हो रहा था कि बाप-बेटे में इतनी बड़ी जंग हो सकती है। एक बाप अपने बेटे को कैसे पार्टी से निकाल सकता है। वह भी ऐसा बेटा, जो प्रदेश का मुख्यमंत्री हो।

पार्टी कार्यकर्ता तो हक्के-बक्के हैं ही आम जनता भी आश्चर्य में है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सपा के वह नेता भी परेशान हैं, जो टिकट की दौड़ में लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। नेता यह नहीं समझ पा रहे हैं कि उन्हें करना क्या है। सबसे ज्यादा परेशानी की स्थिति में वह नेता हैं, जिनका टिकट सपा ने घोषित कर दिया है।
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इनमें कुछ नेता ऐसे भी हैं, जिनका नाम दोनो गुटों की लिस्ट में है। ऐसे नेता इस पशोपेश में हैं कि वह लखनऊ जाएं या नहीं। जाएं तो किसके पक्ष में जाकर बैठें। सूची में नाम आने वाले नेताओं की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। सपा का क्या भविष्य होगा, इसे लेकर ही असमंजस बना हुआ है। देर रात तक सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की निगाहें लखनऊ के घटनाक्रम पर रहीं। 

अखिलेश समर्थकों ने किया हंगामा

मुजफ्फरनगर। अखिलेश समर्थकों ने देर रात शिवचौक पर जमकर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी से निकाले जाने का विरोध करते हुए कार्यकर्ताओं ने शिवपाल यादव के खिलाफ भी जमकर नारे लगाए। सपा कार्यकर्ताओं ने सपा सुप्रीमो से अखिलेश यादव को पार्टी में बहाल करने की मांग की। कार्यकर्ताओं का हंगामा कई घंटे चलता रहा। हंगामा करने वालों में अधिक संख्या में युवा कार्यकर्ता शामिल रहे।             
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