भागवत ज्ञान के प्रकाश पुंज हैं शुकदेव जी: स्वामी ओमानंद
मोरना। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम शुकतीर्थ में परमहंस चूड़ामणि, भागवत के आदि प्रवक्ता भगवान शुकदेव जी की जयंती कोविड 19 के संबंध में सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए परंपरागत रूप से मनाई गई।
भागवत पीठाधीस्वर स्वामी ओमानंद जी महाराज ने वैदिक आचार्यों की उपस्थिति में शुकदेव जी की पूजा आरती की। इस अवसर पर स्वामी जी ने कहा कि शुकदेव जी ज्ञान और वैराग्य की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं। यह महर्षि वेदव्यास जी के आयोनिज पुत्र थे। शुकदेव जी भागवत के प्रबुद्ध प्रवक्ता तथा भक्ति के प्रेरणास्रोत हैं। इनका जीवन विरक्तता का प्रतीक है। शुकदेव जी भागवत ज्ञान के प्रकाश पुंज तथा आध्यात्मिक ज्ञान के जनक हैं। शुकदेव जी ने लौकिक और पारलौकिक सुख की अनुभूति का संदेश देकर जीव और परमात्मा के प्रगाढ़ संबंध का बोध कराया। शुकदेव जी भागवत के प्रथम वक्ता तथा मानव जाति के उद्धारक हैं।
इस अवसर पर श्री शुकदेव अन्नक्षेत्र में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भंडारे का आयोजन हुआ। जिसमें संत महात्मा, गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों को भोजन और दक्षिणा वितरित की गई। इस अवसर पर आचार्य गिरीश उप्रेती, कथाव्यास अचल कृष्ण शास्त्री, आशीष माधव शास्त्री, आचार्य अरुण भट्टराई, प्रदीप अधिकारी, आचार्य विकास, रविंद्र शास्त्री, अमित शर्मा मौजूद रहे।