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सत्ता का संग्राम: अमर उजाला ने मुजफ्फरनगर में टटोली युवाओं की नब्ज, भर्ती समेत इन अहम मुद्दों पर हुई बात

Fri, 29 Mar 2024 04:28 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर

सार

Lok Sabha Election 2024 : अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' लोकसभा चुनाव को लेकर मतदाताओं की नब्ज टटोल रहा है। अमर उजाला की टीम शुक्रवार को मुजफ्फरनगर पहुंची। इस दौरान युवाओं ने अमर उजाला के कैमरे पर खुलकर अपनी बातें रखीं।
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मुजफ्फरनगर में चुनाव पर चर्चा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरनगर में श्रीराम कॉलेज में अमर उजाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम में युवाओं ने चुनाव की चर्चा के दौरान खुलकर अपने-अपने विचार रखे। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने नियमित भर्ती के साथ-साथ कई बड़े मुद्दे उठाए।

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छात्र तुषार का कहना है कि विकास, शिक्षा, बेरोजगारी के क्षेत्रों में और अधिक कार्य करना चाहिए। केंद्र सरकार में जूडिशियल सर्विस का कोई इंतजाम नहीं है, इनकी भर्ती पर विशेष ध्यान दिया जाए।

छात्रा कशिश का कहना है कि सरकार ऐसी आनी चाहिए जो लड़कियों की सुरक्षा पर और अधिक कार्य करे। रात में जब वह गांव में अकेली जाती हैं तो एक अजीब-सा डर उनके मन में रहता है।
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मुस्कान का कहना है कि इंटर करने के बाद बच्चों को स्नातक की पढ़ाई के लिए दिल्ली या फिर अन्य शहरों में जाना पड़ता है। मुजफ्फरनगर में कोई शिक्षक संस्थान ऐसा हो, जिसका बच्चों को लाभ मिले।
 

सचिन का कहना है कि भाजपा 2047 तक विकसित भारत बनाने की बात करती है, लेकिन यह तभी संभव हो सकेगा, जब यहां का शिक्षा का स्तर अच्छा हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही भारत विकसित बन सकता है।

सत्यम गर्ग ने कहा कि बच्चों की इच्छा के अनुसार ही उन्हें एजुकेशन दी जाए। जिस सेक्टर में बच्चा जाना चाहता है, जैसे खेल, इंजीनियरिंग आदि में उसकी इच्छा के अनुसार पढ़ाई कराई जाए।

अभय ने कहा कि बेरोजगारी पर सरकार का ध्यान बिल्कुल नहीं है। लोगों को काम करने के अवसर नहीं मिल रहे हैं। पेपर लीक हो जाते हैं और लाखों बच्चों का सपना टूट जाता है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।

अश्विन ने कहा कि यह बेहद खतरनाक स्थिति है कि यहां पर नौकरी पचास हजार पदों पर निकलती है, लेकिन फार्म पांच लाख से अधिक भरवाए दिए जाते है। इस व्यवस्था को बदला जाना चाहिए।

गौरव शर्मा ने कहा कि 2023 के बाद से देखा गया है कि अचानक पढ़ाई भी महंगी हो गई है। 100 रुपये में भरे जाना वाला फॉर्म अब 500 रुपये में भरा जाता है। सरकारी स्कूलों की पढ़ाई भी महंगी हो गई है।

पलक शर्मा का कहना है कि भाजपा सरकार में सुरक्षा व्यवस्था काफी अच्छी हो गई है। इंडियन आर्मी को भी काफी सुविधाएं केंद्र सरकार ने दी हैं। पेपर लीक में भी सरकार की कोई गलती नहीं है।

श्याम ने कहा कि चुनाव का दौर शुरू होते ही नेताओं के चेहरे नजर आते है, लेकिन जीत होने के बाद पूरे पांच साल तक कोई नजर नहीं आता है। गरीब आदमी की कोई नहीं सुनता है।

कार्तिक का कहना है कि सरकार सभी वादे झूठे करती है। किसानों का कर्जा माफ का वायदा भी जुमला साबित हुआ है।

शादाब अहमद ने कहा कि सरकार किसी की भी हो, लेकिन हिंदू-मुस्लिम वाला भेदभाव नहीं होना चाहिए। भाजपा सरकार में हिंदू-मुस्लिम भेदभाव काफी बढ़ गया है।
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दिव्यांशी ने कहा कि शिक्षा प्रेक्टिकल बेस्ड होनी चाहिए। ताकि बच्चा जो पढ़ाई के समय सीखें उसे अपनी नौकरी में प्रयोग कर सके। थ्योरी से ज्यादा प्रेक्टिकल पर फोकस होना चाहिए।

उदय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार आयुष्मान कार्ड को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन यह धरातल पर फुस्स है। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि शहर के ही एक अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से उनका उपचार नहीं किया गया है।
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