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Muzaffarnagar News: जमीं पर नन्हें सितारे...आसमान पर खुशियां

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खतौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में साल के पहले दिन जन्मी नवजात बच्ची को लेकर बैठे परिजन। संवा
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मुजफ्फरनगर। नए साल के पहले दिन खुशियों की किलकारियों ने दस्तक दी। जिलेभर में कुल 60 बच्चों का जन्म हुआ, जिससे परिवारों में जश्न का माहौल है। नवजात शिशुओं के आगमन से अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने मिठाई बांटकर उल्लास मनाया।
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जिला महिला अस्पताल में नववर्ष के पहले दिन विशेष उत्साह रहा। यहां बुधवार रात 12 बजे से लेकर एक जनवरी की रात तक 23 प्रसव हुए। इनमें 11 बेटे और 12 बेटियों ने जन्म लिया। शहाबुद्दीनपुर की रोशन ने प्यारी सी बेटी को जन्म दिया। बिलासपुर की रेशमा के घर बेटे की किलकारी गूंजी। इन परिवारों ने अपने घर आए नए सदस्यों का खुशी-खुशी स्वागत किया और जश्न मनाया।
सीएमएस डॉ. आभा आत्रेय ने बताया कि जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। नवजात शिशुओं की आवाज गूंजते ही लोगों ने खुशी मनाई। इन 23 शिशुओं में से 11 का जन्म ऑपरेशन से हुआ। बिलासपुर की रेशमा ने अपनी बेटी के जन्म पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि वह बेटी को जन्म देकर बेहद खुश हैं और परिवार में बेटी-बेटे में कोई भेद नहीं किया जाता।
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खतौली में सात बच्चों ने लिया जन्म
खतौली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में साल के पहले दिन सात बच्चों का जन्म हुआ। दो बच्चों का जन्म ऑपरेशन से हुआ, इनमें एक लड़का और एक लड़की है। इनके अलावा सामान्य प्रसव से पांच बच्चे जन्मे, जिनमें तीन लड़के और दो बेटियां हैं। संवाद
बुढ़ाना में 10 बच्चे जन्मे, छाई खुशी
बुढ़ाना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर साल के पहले दिन 10 बच्चों का जन्म हुआ। यहां खुशियां छाई रहीं। अभिभावकों ने खुशी मनाई। मिठाई बांटी गई। यह भी कहा कि बेटे और बेटी के जन्म में कभी भी अंतर नहीं करना चाहिए। संवाद
- पुरकाजी में जन्मे्र तीन बेटे
कस्बे के स्वास्थ्य केंद्र पर तीन महिलाओं ने बेटों को जन्म दिया। बरला की आसमीन, भूराहेड़ी की काजल और कैल्लनपुर की आरती ने बेटों को जन्म दिया। परिवारों ने यहां पर स्वास्थ्यकर्मियों और ग्रामीणों को मिठाई वितरित की।
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