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खतरे में जान : पलक झपकते ही गंगनहर में समा जाते हैं वाहन, जलस्तर कम होने पर सामने आई छह माह पहले हुए हादसों की हकीकत

Tue, 22 Jun 2021 01:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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सठेड़ी गंगनहर के अंदर से क्रेन से कार निकलवाती पुलिस। - फोटो : KHATAULI
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मुजफ्फरनगर  में गंगनहर पटरी मार्ग वाहन चालकों के लिए काल बन रहा है। तेज रफ्तार पर अनियंत्रित हुए वाहन, पलक झपकते ही गंगनहर में समा जाते हैं। ऐसे ही दो हादसों का पता सोमवार को गंगनहर में पानी कम होने पर पता चला है। करीब छह माह पहले कार लेकर दिल्ली के लिए निकला चालक कार सहित गंगनहर में डूब गया और परिजन जिंदा मान उसकी तलाश करते रहे। ऐसा ही एक हादसा थाना सिखेड़ा क्षेत्र में भी हुआ था, जिसका पता भी सोमवार को चला।
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रतनपुरी क्षेत्र में मिला शव गांव लखान निवासी दिलशाद अंसारी का था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि दिलशाद टैक्सी चालक था और वह गत 17 जनवरी को वह रात करीब साढ़े आठ बजे गांव लखान से अपने बड़े भाई वाजिद के घर मोहल्ला अहमदनगर कूकड़ा आया था। वहां से देर रात करीब 12.30 बजे दिलशाद दिल्ली एयरपोर्ट से सवारी लेने जाने के लिए कहकर निकला था। उसके बाद से परिजनों का उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। बड़े भाई वाजिद ने 22 जनवरी को मुजफ्फरनगर के नई मंडी थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

सोमवार सुबह गंगनहर का पानी कम होने पर सठेड़ी गंगनहर पटरी मार्ग पर हाईवे पुल के समीप एक कार गंगनहर में गिरी होने की जानकारी पुलिस को मिली। इस पर पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की। पुलिस ने क्रेन की सहायता से कार को गंगनहर से बाहर निकाला। कार की पिछली सीट पर युवक का शव बरामद हुआ। युवक जैकेट पहने हुए था। लंबे समय से शव पानी में होने कारण हाथ-पैर सहित शरीर के कई हिस्से गल चुके थे।

सीओ विनय गौतम ने बताया कि कार के डैशबोर्ड से मुजफ्फरनगर स्वास्थ्य विभाग के कोविड की कुछ जांच रिपोर्ट के कागजात मिले। मृतक की जेब से ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुआ। इस आधार पर शव की पहचान थाना तितावी क्षेत्र के गांव लखान निवासी दिलशाद अंसारी (32) पुत्र यूनुस के रूप में हुई।

पिछली सीट पर कैसे पहुंचा शव, उठ रहे सवाल
दिलशाद का शव कार की पिछली सीट पर मिला है, इससे कई सवाल भी उठ रहे हैं। कार डूबने के बाद बाहर निकलने के प्रयास में वह पिछली सीट पर पहुंचा। कार का शीशा टूटा हुआ था, यह भी हो सकता है कि पानी के तेज बहाव में शव बहकर पिछली सीट पर पहुंच गया हो। हत्या के बाद शव और कार को गंगनहर में धकेल दिए जाने की भी आशंका है। ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब पुलिस जांच के बाद ही मिल पाएंगे। दिलशाद जैकेट पहने हुआ था, करीब छह माह बीत जाने के कारण शव पर किसी तरह के चोट के निशान भी नहीं दे रहे थे। पुलिस ने फिलहाल शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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स्वास्थ्य विभाग में लगी थी कार
कार पर टैक्सी नंबर वाली पीली नंबर प्लेट लगी थी। नंबर के आधार पर पुलिस ने पता किया तो कार दिल्ली के अशोक विहार निवासी अंकुर ठाकुर के नाम पर पंजीकृत होने की बात सामने आई। उनसे संपर्क किया गया तो पता चला कि उन्होंने एक्सचेंज ऑफर के तहत कार को कंपनी को वापस कर दिया था। बाद में पुलिस ने गाड़ी के मालिक का पता कराया।

थाने पहुंचे गाड़ी मालिक तितावी थाना क्षेत्र के गांव धनसैनी निवासी नितिन कुमार ने बताया कि उनकी यह कार स्वास्थ्य विभाग में लगी हुई थी। लखान निवासी दिलशाद अपने रिश्तेदारों को दिल्ली से लाने के लिए कहकर उनसे गाड़ी मांगकर लाया था। सोमवार को पुलिस ने उन्हें उनकी गाड़ी सठेड़ी गंगनहर में पड़ी होने की जानकारी मिली।

सात फरवरी से लापता थे हरेंद्र दत्त आत्रेय
गंगनहर पटरी मार्ग पर चित्तौड़ा झाल के समीप एक कार गंगनहर में पड़ी मिली कार के अंदर से हरेंद्र दत्त आत्रेय का शव बरामद हुआ। वह फरवरी माह से कार सहित लापता चल रहे थे।

चित्तौड़ा झाल के समीप एक कार गंगनहर में गिरी होने की जानकारी पुलिस को मिली। कार की तलाशी लेने पर एलआईसी के कार्ड मिले। जिसके आधार पर शव की शनाख्त एलआईसी के रिटायर्ड अधिकारी हरेंद्रदत्त आत्रेय उम्र 62 वर्ष के रूप में हुई है। व्यक्ति कुछ वर्षों से द्वारिका सिटी मुजफ्फरनगर में परिवार सहित निवास कर रहे थे। पुलिस ने इसकी सूचना मृतक के परिजनों को दी गई।
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