अंबेडकर नगर जेल में बंद मीनू त्यागी समेत 16 दोषियों को उम्र कैद
मुजफ्फरनगर। बड़कली के सामूहिक हत्याकांड में अंबेडकर नगर जेल में बंद गैंगस्टर मीनू त्यागी समेत 16 दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास और 60-60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। सामूहिक हत्या की वारदात को हादसा दर्शाने की साजिश रची गई थी। मरने वालों में तीन मासूम बच्चों सहित आठ लोग शामिल थे। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट नंबर-दो के न्यायाधीश छोटे लाल यादव ने फैसला सुनाया।
पुरानी रंजिश में वारदात 11 जुलाई 2011 को अंजाम दी गई थी। शहर कोतवाली क्षेत्र के बधाई खुर्द निवासी रोहाना गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन उदयवीर सिंह अपने परिवार के तीन बच्चों समेत आठ सदस्यों को लेकर जीप से मुजफ्फरनगर के लिए चले थे। रोहाना मार्ग पर बड़कली तिराहे के पास मोड़ पर जीप पर ट्रक चढ़ाकर सामूहिक हत्याकांड की वारदात को अंजाम दिया गया था। चर्चित मामले में कुख्यात अपराधी चरथावल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख विक्की त्यागी एवं उसकी पत्नी मीनू त्यागी समेत 20 आरोपियों के खिलाफ साजिशन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
वादी के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल जिंदल, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी किरणपाल कश्यप, विनय वर्मा ने बताया कि प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट नंबर-दो ने की। आरोपी बधाई खुर्द की पूर्व प्रधान ममता, अनिल, शुभम, लोकेश, प्रमोद, मनोज, मोहित, धर्मेंद्र, रविंद्र, विनोद, विदित, बहेड़ी निवासी बबलू उर्फ अजय शुक्ला, शहर के उत्तरी सिविल लाइन निवासी बॉबी शर्मा उर्फ विनीत शर्मा, घिस्सूखेड़ा निवासी विक्की त्यागी का बहनोई बॉबी त्यागी उर्फ विनीत त्यागी और हरवीर को आजीवन कारावास और अर्थदंड सुनाया गया है। अदालत में सत्र परीक्षण के दौरान कुख्यात विक्की त्यागी, बहेड़ी निवासी सुशील शुक्ला और बधाई खुर्द निवासी उपेंद्र की मौत हो चुकी है। किशोर होने के कारण एक आरोपी की फाइल अलग चल रही है।