झमाझम बारिश के कारण दो घंटे तक लोगों की जिंदगी थम गई। दिन में एक से तीन बजे तक भारी वर्षा के कारण जो जहां था उसे वहीं रुकना पड़ा। बारिश से शहर की सभी सड़कें पानी से उफन पड़ी। शिवचौक सहित सभी चौराहों पर पानी भरने से मार्ग अवरुद्ध हो गए। शहर की बस्तियों में सड़क पर पानी भरने से लोग तनाव में दिखे।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही बारिश प्रारंभ हो गई। आकाश में घने काले बादल छाए रहे। दिन में एक बजे मूसलाधार बारिश प्रारंभ हो गई। तीन बजे तक इतनी तेज बारिश हुई कि जो जहां था वह वहीं पर फंसा रह गया। भारी वर्षा से शहर के नालों के साथ सड़क भी उफनती नजर आई। शहर के मुख्य चौराहों और मार्गों पर पानी भर गया।
स्कूलों में एक से दो बजे के बीच होने वाली छुट्टी भी देर से करनी पड़ी। अधिकतम बच्चे स्कूल से भीगते हुए ही घर पहुंचे। सड़कों पर पानी भरने के कारण बच्चों के वाहन भी कई जगह-जगह गिर पड़े। मुख्य मार्गों के हालात जहां अच्छे नहीं थे, वहीं कालोनियों की गलियों में भी पानी भरा रहा।
शहर के गांधी कालोनी, नईमंडी, केशवपुरी, जनकपुरी, रामपुरी, खालापार, किदवईनगर में पानी भरने से लोगों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। पानी निकासी के बाद ही लोगों का जीवन सुचारु हो पाया। मौसम विभाग के अनुसार 39.6 मिली मीटर वर्षा हुई। बीते दो दिनों से लगातार भारी वर्षा हो रही है।
उधर, दो दिन से तेज वर्षा ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। गर्मी और उमस से परेशान लोगों को वर्षा के बाद राहत मिली है। बारिश के बाद मौसम सुहावना नजर आया। अधिकतम तापमान भी घटकर 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। शहर में कई स्थानों पर गिरे मकान
मुजफ्फरनगर। तेज बारिश से उन लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया, जिनका मकान भरभरा कर गिर पडा। मिमलाना रोड, रामपुरी, किदवईनगर में कई मकान और दीवार गिरी, हालाकि जन हानि की कोई खबर नहीं है। शहर के शामली रोड पर एक मार्किट का छज्जा बारिश में गिर पड़ा।