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थमी जिंदगी की भागदौड़, नोट बदलने में उलझे 

Mon, 14 Nov 2016 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर में एक बैंक के बाहर लगी ग्राहकों की लाइन। - फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार की पांच सौ और एक हजार के नोटों को प्रतिबंधित किए जाने पर असर जन जीवन गहरा पड़ा है। जिंदगी की भागदौड़ एक दम थम सी गई है। शहर और देहात के बैंकों और डाकघरों में नोट बदलने के लिए नागरिकों की भारी भीड़ रही। देर शाम तक कई बैंकों के बाहर लोग फार्म भर कर खड़े नजर आए। पुलिस प्रशासन ने व्यवस्था को संभालने के लिए कड़ी मशक्कत की।
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रेलवे रोड की एसबीआई मुख्य शाखा, शिव चौक स्थित पीएनबी, नई मंडी गऊशाला रोड स्थित पीएनबी, सुजडू पीएनबी, नई मंडी की पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा समेत बड़े बैंकों में नोट बदलने और जमा करने के लिए पूरे दिन मारामारी मची रही। रविवार होने की वजह से सरकारी कर्मचारियों और दूसरे शहरों में काम के लिए जाने वाले लोगों का बैंकों पर अधिक जमावड़ा रहा। बैंकों के प्रबंधक और सहायक कर्मचारी ग्राहकों के सवाल-जवाब में उलझे रहे।

वहीं, बाजारों में ग्राहक नहीं हैं। सड़कें खाली हो गई हैं। यात्रियों की आवाजाही भी कम हो गई है। ट्रांसपोर्ट पर बाहर से आपूर्ति होने वाले खाद्य पदार्थों, दवाइयों अन्य जीवन उपयोगी सामग्री की आपूर्ति भी घट गई हैं। शहर के शिव चौक, भगत सिंह रोड, एसडी कॉलेज मार्केट, मौल्हाहेडी मार्केट, सदर बाजार, गांधी कालोनी, नई मंडी के बाजारों में पहले जैसी चहल पहल नहीं है। शादी, विवाह में पहुंचने के लिए भी लोगों को सोचना पड़ रहा है।
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शिक्षण संस्थाओं में प्रतिबंधित नोट स्वीकार नहीं किए जाने के कारण अभिभावकों को दिक्कतें उठानी पड़ रही है। पब्लिक स्कूल फीस में केवल चेक और छोटे नोट लेे रहे है। नर्सिंगहोमों में भी रोगियों की संख्या घट गई है। प्राईवेट डॉक्टर्स पांच सौ एक हजार का नोट लेने से साफ मना कर चुके है। खादी आश्रम पर भी ये नोट नहीं लिए जा रहे है।

बैंकों के बाहर बाइकों की भीड़            
नोट को बदलने के लिए शहर के बैंकों पर उमड़ी भीड़ के कारण सड़कों पर यातायात जाम हो गए। बाइकों को आड़ी तिरछी खड़ी कर ग्राहक लाईनों की आपाधापी में लगे रहे। एसबीआई और इलाहाबाद बैंक नई मंडी की शाखाओं के बाहर सड़क से गुजरना मुश्किल हो गया। पीएनबी और ओबीसी की बैंक शाखाओं पर भी देर शाम तक लोग जमे रहे। कोर्ट रोड स्थित नैनीताल बैंक पर भी भारी भीड़ रही। इंडियन बैंक अग्रवाल मार्केेट, युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया कोर्ट रोड, सिडिकेंट बैंक मेरठ रोड पर ग्राहकों को आसानी से नोट बदलने और कैश जमा करने का मौका मिला।             

यात्रियों की संख्या घटी, बस अड्डों पर सन्नाटा
बड़े नोट को बंद कर दिए जाने के कारण रविवार को शहर की सड़कों पर भीड़ नजर नहीं आई। लोग बैंक और एटीएम की ओर भागते नजर आए। व्यापारी, कारोबारी और उद्यमियों के यहां ही बड़े नोट दिखाई दिए। चाय की दुकानों, रेस्टोरेंट और होटल में भी नोटबंदी का असर दिखा। ग्राहकों की तादाद आधी रह गई है। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर यात्रियों की संख्या घट गई है। देहात से आने वाली बसों में सवारियां कम नजर आईं। टिकट आरक्षण को लेकर रविवार को दोपहर दो बजे तक विंडों पर मारामारी रही। शिक्षक और सरकारी कर्मचारी, छात्र एमएसटी बनवाने में जुटे रहे।

पैसे की कमी ने रद्द कराई तीर्थयात्रा            
कार्तिक पूर्णिमा स्नान मेले पर नोटबंदी का प्रभाव पड़ा है। हरिद्वार और शुक्रताल में गंगा स्नान पर हर साल जाने वाले श्रद्धालुओं ने भी सौ और पचास के नोटों की कमी के कारण तीर्थ यात्रा रद्द कर दी है। नागरिक फिलहाल पांच सौ और हजार के नोट को बदलने में, जमा करने में जुटे है। परिवहन निगम ने शुक्रताल और हरिद्वार के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की है, मगर नोट बंदी के असर के कारण इस साल यात्रियों की संख्या घटनी तय है।
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