खतौली में ग्राम पंचायत में दिन समय लिखने के बाद अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए लेखपाल।
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ग्राम पंचायतों में बैठेंगे लेखपाल, सचिव
मुजफ्फरनगर, खतौली। शासन के आदेश पर प्रशासन ने ग्रामीणों की सहूलियत के लिए बनाई गई योजना को अमलीजामा पहनाने के बाद उसे धरातल पर उतार दिया है। ब्लाक खतौली के 84 ग्राम पंचायत में से 56 ग्राम पंचायतों में इसका काम पूरा कर लिया गया है। योजना के मुताबिक सभी ग्राम पंचायतों में लेखपाल और सचिव निर्धारित किए गए दिन और समय के हिसाब से वहां पर उपस्थिति दर्ज कराते हुए ग्रामीणों की समस्या का समाधान करेंगे।
दूरदराज के ग्रामीण अंचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को अपने जरूरी कागजात पूरे कराने के लिए तहसील के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीणों के तहसील पहुंचने के बाद भी यह जरूरी नहीं कि वहां पर संबंधित लेखपाल उपस्थित हो। वही यही हालत ब्लाक की भी है। वहां पर भी फरियादी सचिव से मिलने के लिए ब्लाक के चक्कर लगाते हैं। कई बार चक्कर लगाने के बाद लेखपाल और सचिव पीड़ित लोगों को मिल पाते हैं। ऐसी स्थिति से निपटने और ग्रामीणों को सुविधा मुहैया कराने के लिए शासन द्वारा चलाई गई योजना के बाद ग्रामीणों को सीधे तौर पर बिना समय लगाए लाभ मिल सकेगा।
एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी ने बताया कि तहसील क्षेत्र में स्थित 84 ग्राम पंचायत में से 56 ग्राम पंचायतों में बनाई गई योजना को लागू कर दिया गया है। प्रति एक गांव में ग्रामीणों की सुविधा के लिए ग्राम पंचायत में लेखपाल के साथ सचिव निर्धारित दिनांक व समय पर उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करेंगे। ग्रामीणों को खसरा, खतौनी, जन्म प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र आदि के लिए बार-बार तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वह ग्राम पंचायतों पर ही वही पर लेखपाल और सचिव से संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान करा लेंगे। एडीएम ई अमित कुमार ने बताया कि जनसेवा केंद्र नगरों के मुकाबले गांवों में नही है। नतीजतन ग्रामीणों को परेशानी होती है। यह योजना बनाई जा रही है कि जनसेवा केंद्र संचालक गांव के ग्राम पंचायत में भी अपने एक व्यक्ति को कुछ समय के लिए लैपटाप, प्रिंटर आदि लेकर बैठाए, जिससे ग्रामीणों को सुविधा हो। वह तहसील सहित ब्लाक और अन्य जगह जाने से बच सके।