- शांति सेना के तीन दिवसीय शिविर का हुआ शुभारंभ
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शांति सेना के तीन दिवसीय नेतृत्व क्षमता प्रशिक्षण शिविर में देश के पूर्व रक्षा सचिव योगेंद्र नारायण माथुर ने कहा कि जब तक ग्रामीण अंचल की आम महिलाओं में नेतृत्व क्षमता नहीं आएगी, तब तक समाज और राष्ट्र का उत्थान नहीं हो सकता।
नई मंडी की बड़ी धर्मशाला में आयोजित प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ करते हुए योगेंद्र नारायण माथुर ने कहा कि शांति सेना का यह कार्यक्रम देश के लिए एक मिसाल है। इस शिविर में गांव की उन महिलाओं को नेतृत्व क्षमता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो अशिक्षित है, लेकिन अपने अधिकारों को पाना चाहती हैं। आधी आबादी जब तक अपने अधिकारों के लिए जागृत नहीं होगी, समाज और राष्ट्र का उत्थान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मनेश गुप्ता का प्रयास एक सराहनीय कदम है। इस अवसर पर प्रेस कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष उमाकांत लखेडा ने कहा कि वास्तव में हमें ग्रामीण अंचल की महिलाओं में नेतृत्व क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है। महिला आरक्षण का लाभ भी तभी होगा जब इनमें अधिकारों के प्रति जागृति आएगी। सुप्रीम कोट के वष्ठि अधिवक्ता जेड के शहजाद ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण पूरे देश में दिए जाने चाहिएं। भारत जोड़ों आंदोलन के सतप्रकाश और गांधी वादी जेपी सिंह बलिया ने महिलाओं से कहा कि वह निर्भिक होकर साहस के साथ आगे बढ़े। संयोजक मनेश गुप्ता ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का आभार जताया।