मुजफ्फरनगर/ चरथावल। तीन साल पहले गोकशी के मामले में जाम लगाने के वाले हिंदू संगठन के नेताओं को अदालत ने तलब किया है। बुधवार को दो आरोपी नेताओं ने अदालत में पेश होकर जमानत कराई। संबंधित न्यायालय से नोटिस आने के बाद कई साल बाद कार्यकर्ताओं को मुकदमे की जानकारी हुई।
विहिप बजरंग दल जिला मंत्री सोहनवीर सिंह निवासी दूधली एवं चरथावल के विहिप जिला प्रवर्तन प्रमुख अमित शर्मा मामले में समन प्राप्त होने के बाद अधिवक्ता अजय पुंडीर के माध्यम से अदालत में पेश हुए। बचाव पक्ष की अर्जी पर अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कोर्ट संख्ख्या-1 के पीठासीन अधिकारी सतेंद्र चौधरी ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
यह था मामला
17 सितंबर वर्ष 2022 को थानाभवन मार्ग पर कस्बे में निराश्रित गोवंश को देख हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओ में आक्रोश व्याप्त हो गया था। उस दौरान करीब 40 लोगों ने मुख्य मार्ग पर करीब दो घंटे जाम कर वाहनों की आवाजाही रोक दी थी। तत्कालीन बीडीओ एवं थाना प्रभारी राकेश शर्मा ने समझाने के बाद जाम खोला गया था। घटना के दिन गुपचुप ढंग से जाम लगाने के मामले में उप निरीक्षक अमन कुमार की तरफ से मुकदमा कायम कराया गया। लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगने दी। फिलहाल अदालत से समन मिले तो कार्यकर्ताओं को मुकदमे की जानकारी हुई। अब पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश हैं।
इन कार्यकर्ताओं की हुई नामजदगी
जाम लगाने के मामले में दूधली निवासी विहिप नेता सोहनवीर सिंह, चरथावल कस्बा निवासी अमित शर्मा एवं बाजार खुर्द निवासी रवि, चरथावल देहात के अंकित पुत्र धर्मवीर सिंह और विहिप के विभाग सह प्रमुख पंकज दीप, रोनी हरजीपुर निवासी अंकुर राणा को नामजद करते हुए 30-35 को अज्ञात में दर्शाया था।
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