लक्ष्मण ने संभाल लिया गुलजार का ढाबा
- नाम प्रदर्शित करने के मामले में बढ़ी बेचैनी
- मुस्लिम संचालकों ने बंदी का फैसला किया
फोटो समेत
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। कांवड़ मार्ग पर नाम प्रदर्शित करने के फैसले से दिल्ली-दून हाईवे के दुकानदारों में बेचैनी पसरी है। खतौली के ढाबा संचालक गुलजार ने किसी भी परेशानी से बचाव के लिए दस दिन के लिए संचालन की जिम्मेदारी मथेडी के लक्ष्मण सिंह को दी है। ढाबे पर कारीगरों की पहचान चस्पा कर दी गई है।
कांवड़ मार्ग पर अल्पसंख्यक समाज के दुकानदार ऊहापोह की स्थिति में आ गए हैं। किसी ने ढाबा किराए पर दिया और कोई यात्रा के दौरान बंद रखेगा। कुछ लोग अभी भी माहौल को भांप रहे हैं।
सरधन के लोकेश कुमार के साक्षी टूरिस्ट ढाबे को अब तक आसिफ चला रहा था। लेकिन प्रकरण के तूल पकड़ते अब लोकेश खुद बैठ रहा है। ढाबे पर अल्पसंख्यक समाज का कोई कर्मचारी नहीं है।
शिवा टूरिस्ट पंजाबी ढाबा के मालिक विश्वजीत चौधरी ने बताया कि उनका ढाबा गांव मुझेडा निवासी मोहम्मद इनाम संचालित कर रहा था। वह ढाबा छोडकर चला गया है।
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कांवड़ियों के बढ़ते ही बंद हो जाएंगे ढाबे
एसवी पंजाबी ढाबा के संचालक खतौली निवासी मोनू, शुएब ने बताया कि उन्होंने ढाबे पर अपने नाम का फ्लेक्स लगाया हुआ है। कांवड़ के दौरान रोड बंद होने पर वह भी अपना ढाबा बंद कर देंगे। प्रिंस ढाबा संचालक खतौली निवासी आदिल ने बताया कि उन्होंने अपने नाम का बोर्ड ढाबे पर लगाया है। कांवडियों के आने से पूर्व ही वह ढाबा बंद कर देंगे। वीर जी ढाबा संचालक खतौली निवासी पूर्व सभासद इसरार अहमद ने बताया कि ढाबे पर अपने नाम का फ्लेक्स लगाया गया है। वह 22 जुलाई को कांवड़ यात्रा पूरी होने तक ढाबा बंद कर देंगे।
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सरकार के फैसले से बढ़ेगी हीन भावना
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुबोध शर्मा ने कहा कि कांवड़ मार्ग की दुकानों पर नाम प्रदर्शित करने का आदेश दुखद है। इस कदम से सामाजिक भेदभाव वह हीनभावना को बढ़ावा मिलेगा। हिंदू मुस्लिम व सभी धर्म के लोगों ने इस देश की आजादी की लड़ाई एक साथ लड़ी और देश को आजाद कराया था।
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भाजपा सरकार का आदेश पीडीए विरोधी : मलिक
मुजफ्फरनगर। सपा नेता शमशेर मलिक ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी वर्गों के लोग मिलकर सेवा करते हैं। 2024 के चुनाव में पीडीए यानी पिछड़ा, दलित व अल्पसंख्यक मुस्लिम समाज ने यूपी में बड़ा झटका देकर बीजेपी को चुनाव हरा दिया है। कांवड़ यात्रा के दौरान दुकानों व प्रतिष्ठानों पर पहचान चस्पा करने का आदेश पीडीए विरोधी है, ये आदेश तुरंत वापस होना चाहिए।