एसडीएम की टिप्पणी के विरोध में वकीलों ने नहीं किया काम
जानसठ। अधिवक्ताओं व तहसीलदार विवाद को लेकर एसडीएम द्वारा बुलाई गई समझौता बैठक में एसडीएम द्वारा अधिवक्ताओं पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। अधिवक्ताओं ने तहसीलदार कोर्ट के साथ तहसील के सभी न्यायालयों का बहिष्कार कर दिया। तहसील के न्यायालयों का बहिष्कार को लेकर बार कौंसिल ऑफ इंडिया को पत्र भेजकर अवगत कराया है।
बार संघ के अधिवक्ताओं व तहसीलदार अमित कुमार के बीच पिछले एक माह से चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। तहसीलदार द्वारा अधिवक्ताओं के साथ किए गए अभद्र व्यवहार और कार्यालय से गायब फाइलों को लेकर तहसीलदार कोर्ट का बहिष्कार कर रखा है। मंगलवार को एसडीएम अनुज मलिक द्वारा समझौते के लिए बुलाई गई बैठक में कुछ अधिवक्ताओं पर एसडीएम द्वारा टिप्पणी करने को लेकर अधिवक्ता बैठक छोड़कर चले आए थे। बृहस्पतिवार को बार संघ द्वारा एसडीएम द्वारा अधिवक्ताओं पर की गई टिप्पणी को लेकर तहसीलदार न्यायालय के साथ साथ तहसील की समस्त न्यायालयों का बहिष्कार कर हड़ताल कर दी है। बार संघ के अध्यक्ष प्रदीप गर्ग व सचिव ज्ञानचंद सैनी ने बताया कि सर्वसम्मति से तहसीलदार के न्यायालय के बहिष्कार के साथ एसडीएम कोर्ट का भी बृहस्पतिवार को बहिष्कार कर दिया गया। बार संघ द्वारा तहसील के समस्त न्यायालयों का बहिष्कार का एक पत्र बार कौंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली व उत्तर प्रदेश को भेजकर अवगत करा दिया गया है। एसडीएम अनुज मलिक ने बताया कि समझौते के लिए बुलाई गई बैठक में किसी भी अधिवक्ता पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। शीघ्र ही दोनों पक्षों को बैठाकर समझौता कराने का प्रयास किया जाएगा। बार संघ की बैठक में अजादार हुसैन जैदी, दीपेश गुप्ता, सोनी गुर्जर, जसवंत कांबोज, अरुण गर्ग, प्रदुमन भेटवाल, जावेद हुमांयु जितेंद्र कुमार, अरविंद, पौदी सिंह कश्यप, जुल्फकार, शशी सैनी, रोशन लाल आदि सभी अधिवक्ता मौजूद रहे।