आरबीआई ने मुजफ्फरनगर की ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने के निर्देश दिए हैं। बैंक शाखा में नकली नोट पाए गए थे। जांच के बाद आरबीआई ने यह कार्रवाई की है। दिलचस्प यह है कि उक्त नोट पुरानी करेंसी के 1000 और 500 के नोट हैं, जो बैंक के भीतर एक लॉकर से बरामद हुए थे।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में 500 और 1000 के नोट को बंद कर नई करेंसी का चलन शुरू किया था। पुराने नोट जमा कराने के लिए केंद्र सरकार ने वक्त दिया। इसी हड़बड़ाहट में बैंक शाखाओं में भी खूब धड़ल्ले से नोट जमा कराए गए। बैंक शाखाओं में खुले लॉकरों में भी पुरानी करेंसी जमा कराई गई।
इस करेंसी को शाखाओं ने आरबीआई में जमा कराया था। मुजफ्फरनगर की एक ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की शाखा से जून माह में आरबीआई में रुपये भेजवाए गए। आरबीआई की प्रयोगशाला ने 1000 और 500 के नोट की गहनता से जांच-पड़ताल की। बैंक के माध्यम से भेजी गई रकम करीब 81 हजार रुपये नकली मिले हैं। खास बात यह है कि सभी नोट पुरानी करेंसी (500-1000) के हैं। इसकी आरबीआई ने जांच की तो यह नोट नकली पाए गए हैं।
करीब पांच माह बाद बैंक शाखा, करेंसी चेेकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आरबीआई ने निर्देश दिए हैं। कोतवाली इंस्पेक्टर संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि बैंक शाखा में नकली नोट मिलने का मामला है। आरबीआई से निर्देश आए हैं, जिस पर रिपोर्ट लिखकर जांच की जाएगी। उधर, जिला लीड बैंक मैनेजर एसके जैन ने बताया कि बैंक शाखाओं में अक्सर एकाध नोट नकली मिल जाता है। ओरियंटल बैंक की उन्हें जानकारी नहीं है। मामले में आरबीआई अपने स्तर से कार्रवाई करता है।