यू ट्यूब पर दिखाई देते लेखपाल जयभगवान।
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर में डेढ़ साल पहले खादर भूमि घोटाले में जेल गए लेखपाल ने तहसील अफसरों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कटघरे में खड़ा किया है। लेखपाल ने कहा कि उसके पास ऐसे दस्तावेज हैं, जिनके आधार पर कई अफसरों को जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने खुद की जान का खतरा बताते हुए सभी दस्तावेज और वीडियो रिकार्डिंग यू ट्यूब पर अपलोड कर दी हैं।
खादर के कथित भूमि घोटाले में डेढ़ साल बाद जेल से बाहर आए लेखपाल जयभगवान शर्मा ने तहसील अफसरों पर घोटाले का असली गुनहगार होने का दावा किया है। बृहस्पतिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर जयभगवान ने प्रशासनिक अफसरों को कटघरे में खड़ा किया है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने कथित भूमि घोटाले की आड़ में रहड़वा, लालपुर, हुसैनपुर, बिहारगड़, मजलिसपुर तौफीर, भुवापुर आदि के किसानों की जमीनों पर खड़ी फसलों को उजाड़ दिया।
जिस किसान ने विरोध करने की कोशिश की, उसे जेल में डाल दिया गया। अधिकारियों ने फर्जी पैमाईश की रिपोर्ट तैयार कर जमीन छीन ली। रिपोर्ट में ऐसे गांवों के नाम दिए गए हैं, जो वहां हैं ही नहीं। अधिकारियों ने पैमाइश की जो रिपोर्ट तैयार की है, उसमें गंगा नदी को ही गायब कर दिया गया है। भूमि घोटाले से संबंधित एक भी तथ्य प्रशासन के पास मौजूद नहीं है।
जयभगवान ने घोटाले में फंस रहे अफसरों से अपनी जान का खतरा बताया है। साथ ही सभी दस्तावेजों और अपनी वीडियो रिकार्डिंग को यू ट्यूब पर अपलोड किया है। लेखपाल ने मामले की सीबीआई जांच के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। इस संबंध में डीएम डीके सिंह का कहना है कि इस मामले में उनके सम्मुख कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसा कोई मामला आता है तो वह जांच कर नियमानुसार कार्रवाई कराएंगे।