मुजफ्फरनगर। लाला जगदीश प्रसाद प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में गुरु गोबिंद सिंह जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई। कार्यक्रम में गुरु गोबिंद सिंह के आदर्शों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य सतीश उपाध्याय ने मां शारदा एवं गुरु गोबिंद सिंह के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पार्चन के साथ किया। सरस्वती वंदना के बाद प्रधानाचार्य ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह सिखों के महान गुरु थे। उन्होंने भेदभाव को मिटाकर खालसा को संगठित किया। उन्होंने कहा कि छात्र भी गुरु गोबिंद सिंह की भांति निर्भीक एवं साहसी बनें। आचार्य राजीव शर्मा ने गुरु गोबिंद सिंह के जीवन से संबंधित जानकारी दी। गुरु गोबिंद सिंह ने अल्पायु में ही गुरु की गद्दी प्राप्त की और खालसा पंथ की स्थापना की। इन्होंने सिखों के लिए केश, कच्छ, कृपाण, कड़ा और कंघा को धारण करने पर विशेष बल दिया। ये पांचों चीजें ‘पांच ककार‘ के नाम से जानी जाती हैं। इस अवसर पर आचार्य महेश कुमार, राज कमल वर्मा, विवेक शर्मा, प्रयाग सिंह, नीलम शर्मा ने भी गुरु गोबिंद सिंह के आदर्शों एवं सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में आचार्य कुंवरपाल सिंह, सतीश गुप्ता, उमेश चंद सारस्वत, देवेंद्र वर्मा, सुधीर कुमार, अंकुर राजवंशी, पवन सैनी, नवनीत कुमार, पंकज त्यागी, विक्रांत सैनी, अजय वत्स, अमित शर्मा, विशाल शर्मा, अर्जुन कुमार, नेहा शर्मा, उषा किरण, विजया शर्मा, सरिता मौजूद रहे।