-अस्पताल में नजला, जुकाम, खुजली के मरीजों की संख्या ज्यादा
(फोटो समाचार)
संवाद न्यूज एजेंसी
जानसठ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों की कमी के कारण क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से मरीज वापस लौट रहे हैं। निजी अस्पतालों में महंगा उपचार कराना पड़ रहा है।
मंगलवार को कस्बा निवासी अंजलि हड्डियों में दर्द होने की जांच कराने के लिए अस्पताल पहुंचीं, मगर हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं मिलने के कारण निराश लौटना पड़ा। गांव जटवाड़ा के मोहम्मद आजम अपने कान और गले का इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन चिकित्सक नहीं होने से बिना इलाज कराए ही लौटे।
कस्बे महिला सुशीला सैनी और शकीला ने बताया कि उनके बच्चे की तबीयत खराब थी, इसलिए वह अस्पताल आई थीं। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने की वजह से प्राइवेट चिकित्सक से बच्चों का उपचार कराया।
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इनसेट
रोजाना पहुंचते हैं तीन सौ मरीज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 250-300 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। सबसे ज्यादा नजला, जुकाम, खासी, खुजली के मरीज आते हैं। यहां सिर्फ सात स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती है, जबकि डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के कई पद खाली हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने के कारण क्षेत्र के गंभीर बीमारी के मरीजों को चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है।
-इन चिकित्सकों की कमी
चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर अजय कुमार ने बताया कि सीएचसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, नाक, गला, कान रोग विशेषज्ञ, पैथोलॉजिस्ट व रेडियोलॉजिस्ट आदि चिकित्सकों की कमी है।
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सीएमओ को भेजा गया पत्र
चिकित्सा प्रभारी डॉ़ अजय कुमार ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी के संबंध में सीएमओ को लिखकर भेज दिया गया है। अभी तक चिकित्सकों की तैनाती नहीं हुई है।