मुजफ्फरनगर। जिले में रविवार को उत्तर प्रदेश प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 का आयोजन हुआ। शहर के 22 परीक्षा केंद्रों पर दोनों पालियों में कुल 14,405 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। दोनों पालियों में 6,235 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली की परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि सामान्य ज्ञान के प्रश्नों का स्तर कठिन रहा। पर्यावरण से जुड़े कई प्रश्न पूछे गए। इसके साथ ही रोबोटिक्स और ऑटोमेशन के प्रभाव से संबंधित प्रश्न भी आए।
एडीएम प्रशासन देश दीपक कुमार ने बताया कि परीक्षा दो पालियों में हुई। पहली पाली में 10,320 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 7,108 ने परीक्षा दी। दूसरी पाली में भी 10,320 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 7,297 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
दोनों पालियों में कुल 20,640 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। 30 अक्तूबर और एक नवंबर को भी 22 केंद्रों पर परीक्षा प्रस्तावित है।
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कड़ी निगरानी की व्यवस्था परखी
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था का जायजा लेने के लिए डीएम उमेश मिश्रा और एसएसपी सूरज कुमार राय ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने चौधरी छोटूराम कॉलेज, डीएवी इंटर कॉलेज, डीएवी डिग्री कॉलेज और पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज का दौरा किया। इस दौरान पुलिस बल की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था परखी गई। अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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ये बोले अभ्यर्थी
शामली के झिंझाना से परीक्षा देने आईं रेणु ने बताया कि वह दूसरी बार परीक्षा में शामिल हुई हैं। इसमें पात्रता हासिल करने के साथ अच्छा स्कोर करना भी जरूरी है।
एमजी पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र से परीक्षा देकर निकलीं मीनाक्षी ने बताया कि पर्यावरण से जुड़े कई प्रश्न पूछे गए। इनमें चिपको आंदोलन, मिट्टी के प्रकार और बाढ़ से संबंधित प्रश्न शामिल थे।
शामली से परीक्षा देने आईं स्वाति ने बताया कि गणित के प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लगा। इससे समय प्रबंधन प्रभावित हुआ।
मधु ने बताया कि वह पहली बार परीक्षा में शामिल हुईं। प्रश्नपत्र मिला-जुला रहा। गणित, विज्ञान, हिंदी और इतिहास से प्रश्न पूछे गए। हिंदी के प्रश्न अपेक्षाकृत सरल थे।
सर्कुलर रोड स्थित एमजी पब्लिक स्कूल केंद्र से परीक्षा देकर लौटते हुए परिक्षार्थ। स्रोत संवाद