मुजफ्फरनगर में महापंचायत के मंच से नेताओं ने भाजपा पर प्रहार किया तो कई नेताओं ने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे का दर्द भी याद दिलाया। किसान नेताओं ने कहा कि भाकियू की पंचायतों में पहले अल्लाह-हू-अकबर और हर-हर महादेव का नारा गूंजता था। भाजपा की फूट डालो और राज करो की नीति ने धर्म के नाम पर किसानों को बांट दिया, मगर अब ऐसा नहीं होगा।
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर से लेकर भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत और योगेंद्र यादव समेत कई नेताओं ने अपने भाषण में मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर भी बात की। राकेश टिकैत ने तो यहां तक कह दिया कि ये दंगा कराने वाले हैं, इनसे सावधान रहना है।
सियासी नेताओं के समर्थक भी आए नजर
महापंचायत को गैर राजनीतिक करार दिया गया गया था, लेकिन रालोद की तरफ से खुले तौर पर इसका समर्थन किया गया। यही वजह थी कि रालोद के तमाम नेताओं ने अपने होर्डिंग और बैनर महापंचायत स्थल के मार्गों पर लगवा रखे थे। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर काफी समर्थक इसमें शामिल रहे। यह बात अलग रही कि मंच पर सियासी नेता नजर नहीं आए।