संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद। कोरोना पॉजिटिव मरीजों को होम आइसोलेट किए जाने के बाद भी उनके परिजन बेरोकटोक गांव में घूम रहे हैं। यह स्थिति तब है जब गांव में लोगों को जागरूक करने के लिए ग्राम सुरक्षा निगरानी समितियां बनाई गई हैं। लोगों का कहना है कि होम आइसोलेट मरीजों के परिजनों की लापरवाही से कोरोना संक्रमण और फैल सकता है।
कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग बढ़ा दी है। एंटीजन रैपिड किट से टेस्ट किए जा रहे हैं। जिससे कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सरकार के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों को होम आइसोलेट करना शुरू कर दिया है। कई गांवों के लोगों का कहना है कि होम आइसोलेट किए गए व्यक्तियों के परिजन गांव में खुलेआम घूम रहे हैं। जिससे वहां रहने वाले अन्य लोगों में दहशत का माहौल है।
लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
* कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नगर एवं देहात में निगरानी सुरक्षा समितियां बनाई गई हैं। देहात में गठित ग्राम सुरक्षा निगरानी समिति का अध्यक्ष ग्राम प्रधान को बनाया गया है, जबकि इस समिति में सचिव, लेखपाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, रोजगार सेवक और शिक्षामित्र को शामिल किया गया है। इन सबकी जिम्मेदारी लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने की है। यदि कोई लापरवाही बरतेगा तो उसके खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करने को मजबूर होगा। -राकेश कुमार सिंह, एसडीएम देवबंद
स्वास्थ्य विभाग का नहीं प्रशासन का है काम
* होम आइसोलेट मरीजों के परिजनों को लापरवाही बरतने से रोकना प्रशासन का काम है, स्वास्थ्य विभाग का नहीं। ऐसे लोगों के खिलाफ प्रशासन को रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। -डॉ. इंद्राज सिंह, प्रभारी सीएचसी देवबंद
लोगों को जागरूक कर रही ग्राम सुरक्षा निगरानी समिति
* गांव में गठित ग्राम सुरक्षा निगरानी समिति अपना काम कर रही है। इसकी समय-समय पर मॉनिटरिंग भी की जा रही है। जो लोग सतर्क किए जाने के बाद भी लापरवाही बरत रहे हैं उनके खिलाफ प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। -दुष्यंत कुमार, कार्यवाहक खंड विकास अधिकारी देवबंद